कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रोन के कर्नाटक के दो लोगों में संक्रमण मिलने से सतर्कता बढ़ गई है। एयरपोर्ट पर तो रैंडम एंटीजन टेस्ट और स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है, लेकिन ट्रेनों और बसों के जरिए गैर राज्यों से आने वाले यात्रियों की न तो स्क्रीनिंग हो रही है न ही जांच। सीएम के निर्देश के बाद शुक्रवार से सेंट्रल पर तीन जांच कैंप लगाए जाएंगे। हालांकि यात्रियों की भीड़ देखते हुए ये नाकाफी होंगे।
एयरपोर्ट पर रोजाना औसत 30 टेस्ट, अब बढ़ेंगे
चकेरी एयरपोर्ट पर अभी तक रोजाना 25 से 30 यात्रियों के रैपिड एंटीजन टेस्ट होते हैं। हरेक यात्री की जांच नहीं होती है बल्कि रैंडम किसी भी यात्री को पकड़कर उसका टेस्ट किया जाता है। ओमिक्रोन की आहट से अब टेस्टिंग पर और जोर होगा। हैदराबाद की फ्लाइट 15 दिसंबर तक निरस्त कर दी गई है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के यात्रियों की जांच की जाएगी।
पांच महीने से बंद है सेंट्रल पर जांच
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पिछले पांच महीनों से कोरोना की जांच बंद चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जून तक तो यहां कैंप लगाया लेकिन इसके बाद जांच कैंप बंद हो गए। वहीं झकरकटी बस अड्डा पर पिछले 15 दिनों से कभी कभार जांच टीम आ रही है। अभी यहां भी नियमित जांच नहीं की जा रही है। झकरकटी बस अड्डे पर कर्नाटक समेत कई राज्यों के यात्री प्राइवेट बसों के माध्यम से आते हैं, फिर अन्य जिलों के लिए बसें पकड़ते हैं। इनकी स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है।