प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि नौ कोर्स के लिए कुल 270 सीटें तय हैं। इसमें पीजी डिप्लोमा कोर्स ऑफ एसोसिएटशिप ऑफ एनएसआई इन शुगर टेक्नोलॉजी में 60, पीजी डिप्लोमा कोर्स ऑफ एसोसिएटशिप ऑफ एनएसआई इन इंजीनियरिंग में 30 सीटें हैं।
पीजी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल फ्रिमेंटेशन एंड अल्कोहलिक टेक्नोलॉजी में 35, पीजी डिप्लोमा इन शुगरकेन प्रोडिक्टिविटी एंड मैच्योरिटी मैनेजमेंट में 18, पीजी डिप्लोमा इन इंडिस्ट्रीयल इंस्ट्रूमेंटेशन एंड प्रॉसेस ऑटोमेशन में 15, पीजी डिप्लोमा इन क्वालिटी कंट्रोल एंड इनवायरनमेंटल साइंस में 20, शुगर इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट कोर्स में 15, सर्टिफिकेट कोर्स इन क्वालिटी कंट्रोल में 20, शुगर बॉयलिंग सर्टिफिकेट कोर्स में 57 सीटें निर्धारित हैं।
100 प्रतिशत प्लेसमेंट का बना चुके हैं रिकॉर्ड
एनएसआई में बीते वर्ष रिकॉर्ड प्लेसमेंट हुए हैं। कुल 100 प्रतिशत छात्रों का यहां से प्लेसमेंट हो चुका है। निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि प्लेसमेंट का यह रिकॉर्ड आगे भी जारी रखने की कोशिश है। यहां बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड, डालमिया, डीएससीएल, धामपुर शुगर मिल्स, उत्तम क्वालिटी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड सहित कई बड़ी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आती हैं।