कानपुर में आगामी लोकसभा की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार अपने जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली को नमो एप के जरिये परख रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ नमो एप में पार्टी के लोगों को अपनी दिनभर की गतिविधियों और किसने कितने लोगों को पार्टी से जोड़ा है। उसकी रोज की रेटिंग देश, प्रदेश और विधानसभा स्तर के हिसाब से जारी की जाती है।
इस रेटिंग में सात जनवरी तक सांसद देवेंद्र सिंह भोले, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, विधायक महेश त्रिवेदी, नीलिमा कटियार, अभिजीत सिंह सांगा का नाम सूची में ही नहीं है। हालांकि सांसद सत्यदेव पचौरी सबसे ऊपर चल रहे हैं। इसी तरह भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, पार्षद नवीन पंडित, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह, उत्तर जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बेटे करन महाना भी आगे बढ़ रहे हैं।
पार्टी हाईकमान के अनुसार नमो एप के जरिये यह भी देखा जा रहा है कि कौन, कितना सक्रिय है। लोगों को पार्टी से जोड़ने के क्रम में पूरे देश में सांसद पचौरी का नाम 11वें और प्रदेश स्तर पर पांचवें स्थान पर है। इसी तरह प्रदेश की सूची में शिवराम सिंह 13वें और नवीन पंडित 51वें स्थान पर हैं। विधानसभा क्षेत्रवार रेटिंग की बात की जाए, तो गोविंदनगर में सांसद पचौरी दूसरे, उत्तर जिलाध्यक्ष दीप कुमार पांडेय (दीपू) छठें और 10वें स्थान पर विधायक सुरेंद्र मैथानी का नाम है।
15 लोगों में कोई प्रमुख नाम शामिल नहीं है
इसी तरह कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में 11वें नंबर में पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील बजाज का नाम है। बाकी 15 लोगों में कोई प्रमुख नाम शामिल नहीं है। इसी तरह किदवईनगर में क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल दूसरे नंबर पर, नवीन पंडित तीसरे स्थान पर हैं। किदवईनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल चार नाम ही सूची में दर्ज हैं। इस क्षेत्र के विधायक महेश त्रिवेदी का नाम नहीं है।
पूर्व विधायक सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया भी सूची में नहीं दिखे
इसके अलावा महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में सतीश महाना की जगह उनके बेटे करन महाना की नमो एप पर सक्रियता नए संकेत दे रही है। करन महाना नमो रेटिंग में दूसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा बिठूर क्षेत्र में ग्रामीण जिलाध्यक्ष दिनेश कुशवाहा तीसरे स्थान पर हैं। टॉप 15 की सूची में सिर्फ छह लोगों के ही नाम हैं। क्षेत्र के विधायक अभिजीत सिंह सांगा का नाम सूची में नहीं है। पूर्व विधायक सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया भी सूची में नहीं दिखे।
नमो एप के लिए यह है जरूरी
रोजाना लोगों को मेंबर बनाना, सरकार की योजनाओं की जानकारी देना, पार्टी के अभियानों में हिस्सा लेना। इन सभी गतिविधियों की फोटो, स्थान, वीडियो सभी को एप पर अपलोड करना होता है। इसके आधार पर ही रेटिंग तय होती है।