सियासी पारा हाई, अब टिकट की लड़ाई
नगर निकाय की अधिसूचना रविवार शाम को जैसे ही जारी हुई, सभी राजनीतिक दलों में हलचल मच गई। दावेदारों की भीड़ पार्टी कार्यालयों में जमा होने लगी, जो देर रात लगी रही। सभी दावेदार खुद को उपयुक्त प्रत्याशी बताते रहे। कई चौराहों पर भी राजनीतिक चर्चाओं का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे ज्यादा सक्रियता भाजपा के नौबस्ता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में नजर आई।
इसी तरह कांग्रेस के पार्टी कार्यालय तिलक हाॅल, सपा और बसपा के नवीन मार्केट कार्यालयों में भी चुनाव जीतने की गणित को लेकर पदाधिकारियों के बीच समीकरण साधे गए। भाजपा में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रही कि इस बार मेयर प्रत्याशी के रूप में पार्टी किसके सिर पर ताज पहनाएगी। पार्टी कार्यालय में सुबह से लेकर शाम तक दावेदार अपना-अपना बायोडॉटा लेकर आते रहे। लेकिन जैसे ही अधिसूचना जारी हुई, फिर से चेहरा दिखाने वालों की होड़ सी लग गई। इतना ही नहीं जो किसी वजह से नहीं पहुंच पाए, उन्होंने अपने साथी कार्यकर्ताओं को फोन के जरिए कार्यालय में चल रही गतिविधियों की टोह ली।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में सपा और प्रसपा में रहे पदाधिकारियों ने एक मंच पर आकर अपनी एकजुटता का परिचय देकर यह साबित करने की कोशिश की कि पार्टी पूरे जोश के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। इस दौरान सपा महानगर अध्यक्ष फजल महमूद और प्रसपा के महानगर अध्यक्ष रहे आशीष चौबे ने एक दूसरे के गले मिलकर पुराने गिले शिकवे भी दूर किए। इसी तरह कांग्रेस के तीनों जिला इकाई अध्यक्षों की ओर से सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में बूथ स्तर पर मजबूती से पार्टी के लिए काम करने का फिर से संदेश जारी किया। सभी की ओर से कार्यकर्ताओं को एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी की प्रदेश इकाई की ओर से निकाय चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए जिलाध्यक्ष अन्य पदाधिकारियों से कहा गया। पार्टी की ओर से इसे लेकर सोमवार को बैठक भी बुलाई गई है।
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