राशन लदे ट्रक ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया था। ट्रक मां बेटे के पैर और पेट से गुजरा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनके लिवर, किडनी, आंतें और हड्डियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
कानपुर में नरौना चौराहे पर बुधवार को हुए हादसे में मृत शांतिनगर निवासी शिक्षिका ऊषा देवी और उनके बेटे सौरभ का गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद भगवतदास घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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पत्नी और बेटे को मुखाग्नि देते ही जितेंद्र फफक पड़े। वहीं एक साथ दो अर्थियां जलती देख हर रिश्तेदार की आंख नम हो गई। कैंट बोर्ड स्कूल की शिक्षिका ऊषा देवी बेटे के साथ डॉक्टर के यहां जा रही थीं।
राशन लदे ट्रक ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया था। ट्रक मां बेटे के पैर और पेट से गुजरा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनके लिवर, किडनी, आंतें और हड्डियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
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ट्रैफिक व्यवस्था ठीक होती तो नहीं बिखरता परिवार
हादसे में पत्नी और बेटे को खोने वाले जितेंद्र इस घटना का जिम्मेदार ट्रैफिक व्यवस्था को बता रहे हैं। रोते हुए यही कहते जा रहे थे कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सही होेती तो आज उनके साथ ऐसा हादसा न हुआ होता। यातायात को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि आगे किसी का परिवार इस तरह न उजड़े।