इससे पुलिस की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने बाद में उनकी धरपकड़ शुरू की। तब तक इरफान जद से बाहर जा चुके थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इरफान 11 नवंबर को दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंचे थे। यहां से 13 नवंबर को बस से हैदराबाद गए थे।
17 नवंबर को हैदराबाद छोड़ा था। यहां तक पुलिस पीछे पीछे ट्रेस करती रही। इसलिए हैदराबाद के बाद से मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया। हैदराबाद में जिस चैनलकर्मी ने शरण दी थी, वह कुछ समय पहले कानपुर आया था। तब इरफान का उससे परिचय हुआ था।
घर पर आकर बनाया था फर्जी आधार कार्ड
पुलिस के मुताबिक कर्नलगंज निवासी इरफान के एक परिचित ने फर्जी आधार बनाया है। इसमें नामजद आरोपी अली की भी भूमिका है। मुख्य आरोपी का नाम भी केस में बढ़ाया जाएगा। जब इरफान नूरी शौकत के घर पर थे, तब ये वहां पहुंचे थे। नूरी के घर पर ही दोनों ने मिलकर इरफान के फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
पैरवी में जुटे नामचीन, हाजिर होने की रही सुगबुगाहट
इरफान के परिजनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इरफान पर दूसरा केस भी दर्ज हो गया है। पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है। इसको देखते हुए उसके कई बड़े नामचीन लोगों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। जानकारी के मुताबिक वह डील करने का प्रयास कर रहे हैं कि इरफान की कथित तौर पर गिरफ्तारी करवा देंगे।
राजस्थान में रिवाजन के होने की आशंका
अब की जांच में सामने आया है कि रिजवान, इरफान के साथ नहीं गया। यानी दोनों अलग-अलग फरार हुए हैं। रिजवान कैसे कहां गया, इसकी पुख्ता जानकारी पुलिस के पास नहीं है। एक तथ्य सामने आया है कि रिजवान राजस्थान में हो सकता है। इसलिए एक टीम राजस्थान भी रवाना हुई है।