परीक्षा परिणाम संबंधी गड़बड़ी से परेशान 25 हजार छात्रों को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। प्रथम वर्ष में प्रमोट होने वाले 20 हजार छात्र द्वितीय वर्ष में फेल हो गए थे, अब ये छात्र भूतपूर्व छात्र के रूप में द्वितीय वर्ष की परीक्षा फिर से दे सकेंगे।
वहीं, कोरोना काल में पांच हजार छात्रों का परिणाम विभिन्न कारणों से अटक गया था, अब इन सभी को औसत अंक देकर पास कर दिया जाएगा। विवि में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की गैरमौजूदगी में प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में बुधवार को परीक्षा समिति की बैठक हुई। कोरोना काल में कई छात्रों के प्रैक्टिकल और परीक्षा छूट गई थी। वहीं, कई छात्रों के प्रैक्टिकल व नॉन-प्रैक्टिकल होने से अंकों का समावेश नहीं हो पा रहा था। इससे इन छात्रों का अंतिम परिणाम रुक गया था।
ऐसे में इन छात्रों को संबंधित विषय में औसत अंक के साथ पास करने का फैसला लिया गया है। प्रथम वर्ष में प्रमोट होकर द्वितीय वर्ष में फेल होने वाले छात्रों को भी अब प्रथम वर्ष में दाखिला नहीं लेना पड़ेगा। इन छात्रों को भी द्वितीय वर्ष में भूतपूर्व छात्र के रूप में प्रवेश मिलेगा और इसी के आधार पर प्रथम वर्ष के अंक दिए जाएंगे। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, कूटा के अध्यक्ष, मंत्री समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सेमेस्टर परीक्षा 10 जनवरी से
बैठक में सेमेस्टर परीक्षा की तिथि पर भी मुहर लग गई। नई शिक्षा नीति के तहत संचालित पाठ्यक्रम की विषम सेमेस्टर परीक्षा और एलएलबी व बीए-एलएलबी की सम सेमेस्टर परीक्षा 10 जनवरी से शुरू होगी। 17 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा को तीन पालियों में संपन्न कराया जाएगा।
ये भी हुए पफैसले
को-करिकुलर विषयों को छोड़कर सभी विषयों की परीक्षा सब्जेक्टिव पैटर्न पर होगी। स्नातक अंतिम वर्ष में पूर्व की भांति एक विषय का एक प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय होगा। परीक्षा फार्म सबमिशन की अंतिम तिथि के बाद जिन छात्रों का परिणाम घोषित किया जाएगा, उन्हें फॉर्म भरने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। 2022-23 सत्र के जिन छात्रों को विषय, नाम परिवर्तन आदि कराना होगा, वह सबमिशन की अंतिम तिथि के बाद 15 दिन तक निशुल्क परिवर्तन करा सकेंगे।