दोनों अधिकारी सीधे अब्बास अंसारी की बैरक में पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिले। अलबत्ता कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं। इसके बाद वे मुलाकाती कक्ष में पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। परिसर में ही डिप्टी जेलर के कमरे में पहुंचे तो विधायक और उनकी पत्नी बैठे मिले।
बिना रजिस्टर में एंट्री व सूचना के निखत विधायक से मिलने आई थीं। इसी बीच विधायक कमरे से निकलकर अपनी बैरक में चले गए। महिला पुलिस ने निखत को गिरफ्तार करने लगी, तो उन्होंने टीम को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
जेल के बाहर गाड़ी लिए खड़ा था निखत का चालक
डीएम व एसपी ने शनिवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि जेल के बाहर गाड़ी लिए खड़े विधायक की पत्नी के चालक नियाज को भी पकड़ लिया गया है। जेल चौकी प्रभारी श्यामदेव सिंह की तहरीर पर विधायक अब्बास अंसारी, पत्नी निखत बानो, चालक नियाज समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जेल पहुंचे डीआईजी, शुरू कराई जांच
घटना की जानकारी होते ही डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्री ने जेल का निरीक्षण किया। सारे रजिस्टर आदि को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। उनकी प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की है।
उन्नाव के जेलर को चित्रकूट भेजा
इसके अलावा घटना के लिए प्रथम दृष्ट्या उत्तरदायी जेल वार्डर रैंक के पांच कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है। रिपोर्ट में जिला जेल चित्रकूट में निरुद्ध विधायक अब्बास अंसारी को अन्य जेल में भेजने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिला जेल उन्नाव के जेलर राजीव कुमार सिंह को जिला जेल चित्रकूट तत्काल प्रभाव से भेज दिया गया है।