राजनीतिक जुमलेबाजी से फिलहाल अछूते और सीधी सपाट बातचीत के आदी प्रदेश के नवनियुक्त जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने बेबाकी से स्वीकारा है कि उनके गृह जनपद में उनके मंत्रालय वाली पेयजल योजनाओं में सब ठीक नहीं है। इसीलिए अफसरों को दो टूक कहा है कि अब तक जो चलता रहा वो ठीक है, लेकिन जो कमियां हैं शीघ्र दूर करें।
जनपद की ज्वलंत और गंभीर समस्या अन्ना मवेशियों के बारे में राज्यमंत्री ने स्वीकारा कि यहां यह बड़ी समस्या है। उन्होंने साफ कहा कि गोशालाओं को जो पैसा दिया जा रहा है वह पूरा खर्च नहीं हो रहा। जबकि गोशालाओं के प्रति सरकार संजीदा है। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ वह खुद कार्रवाई करवाएंगे। राज्यमंत्री पद पर ताजपोशी के बाद गृह जनपद आए निषाद से मंगलवार को हुई संक्षिप्त बातचीत के अंश-
सवाल- चित्रकूटधाम मंडल और खासकर बांदा जनपद में जल शक्ति मंत्रालय की कितनी योजनाएं चल रही हैं? उन पर आपने क्या निर्देश दिए हैं?
राज्यमंत्री- बांदा आकर सबसे पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली है। किस परियोजना पर कितना काम हुआ है? पूरा न होने के क्या कारण हैं? यह सब दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। परियोजनाओं को उनकी जरूरत के मुताबिक जल्द पूरा कराया जाएगा।
सवाल- जनपद की पेयजल समस्या पर आपका का कोई खास प्लान? बांदा में जल शक्ति मंत्रालय कार्यालय में मात्र एक लिपिक है, स्टाफ नहीं है?
राज्यमंत्री- जनपद में पेयजल की कोई समस्या नहीं होने दूंगा। कार्यालय आदि में जो अव्यवस्थाएं हैं, उन्हें सही करने में कुछ वक्त लगेगा। पर जितना जल्दी होगा सबसे पहले पेयजल समस्या को दूर करुंगा। अधिकारियों से साफ कह दिया है कि जो कमियां हैं, उन्हें तत्काल सही करा लें।
सवाल- जनपद में जल शक्ति मंत्रालय से अमलीकौर और खटान पेयजल योजनाएं चल रही हैं? पाइप लाइन का काम अभी बहुत कम हुआ है? इसमें तेजी लाने के लिए आपके स्तर से क्या कार्रवाई हो रही है?
राज्यमंत्री- अमलीकौर और खटान परियोजनाएं दोनों ही हमारे जनपद के लिए महत्वाकांक्षी परियोजनाएं हैं। संबंधित अधिकारियों से इसकी प्रगति रिपोर्ट समीक्षा बैठक में तलब की है। कम समय में ही दोनों परियोजनाएं पूरी होंगी। परिश्रम की पराकाष्ठा तक काम कर पेयजल समस्याओं को दूर करेंगे।
सवाल- जनपद में अन्ना मवेशियों की बहुत समस्या है? गोशालाओं में चारा, भूसा-पानी की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं? मवेशियों की मौत हो रही है? आप इस पर क्या करेंगे?
राज्यमंत्री- वास्तव में यहां अन्ना मवेशियों की बहुत बड़ी समस्या है। सरकार भी संज्ञान ले रही है। ग्राम पंचायत और ब्लाक स्तर पर गोशालाओं के लिए मांग के मुताबिक जो पैसा दिया जा रहा है गोशालाओं में उतना खर्च नहीं हो रहा। गोशालाओं के लिए सरकार जो पैसा दे रही है उसे शत-प्रतिशत मवेशियों पर ही खर्च करवाएंगे। गड़बड़ी में पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ वह स्वयं कार्रवाई करवाएंगे।