वहीं, नामजद आरोपियों में कुबेर सिंह नाम का शख्स शामिल था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल बरामद किया था। विवेचना के दौरान यह मोबाइल गायब हो गया था। मामले में एक महीने पहले विवेचक सूर्यदेव चौधरी, सिपाही अनमोल तिवारी और सिपाही यतिन को निलंबित किया गया था।
पिछले सप्ताह पुलिस ने चौकीदार अजय के पास से मोबाइल बरामद कर उसके खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। जानकारी के मुताबिक यह मोबाइल खुद सूर्यदेव ने अजय को दिया था। यह जानकारी अजय ने अपने बयानों में अफसरों को बताई है। इस बिंदु की जांच केस के विवेचक सीओ संग्राम सिंह कर रहे हैं।
अप्रैल में दिया था मोबाइल
मोबाइल की बरामदगी 18 अगस्त 2021 को हुई थी। सूत्रों के मुताबिक सर्विलांस की मदद से पता चला था कि चौकीदार अजय इसी साल अप्रैल से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। उसके मुताबिक अप्रैल में एक दिन जब वह सूर्यदेव चौधरी के कमरे में साफ सफाई कर रहा था, तब उन्होंने उसको यह मोबाइल दिया था। अब सर्विलांस की मदद से यह पता किया जा रहा है कि इसके पहले उस मोबाइल में कौन कौन से सिम चलाए गए हैं।
आखिर इन पर कार्रवाई कब
इस पूरे खेल में सबसे बड़ी भूमिका विवेचक के बाद तत्कालीन थानेदार रावेंद्र मिश्रा की रही है। वर्तमान में उनकी तैनाती झांसी में है लेकिन अब तक उनके खिलाफ रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। इसलिए कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं मालखाना इंचार्ज भी मोबाइल गायब होने के पीछे का जिम्मेदार है।
मामले की विस्तृत जांच चल रही है। जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनको जांच में शामिल किया जा रहा है। जिनकी भी मिलीभगत होगी उन पर कार्रवाई की जाएगी। -तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर