फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खनन का खेल: दरोगा ने ही दिया था चौकीदार को खनन माफिया का मोबाइल, सात महीने तक खुद भी मोबाइल का उपयोग

Fri, 26 Aug 2022 08:36 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पिछले साल लखनऊ की टीम ने खनन माफिया को दबोचा था। पुलिस ने एक बरामद मोबाइल दाखिल करने के बाद गायब कर दिया गया। चौकीदार के पास से मोबाइल बरामद हुआ था और उस पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
विज्ञापन
खनन करती मशीन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के सजेती में दर्ज किए गए खनन के केस में खेल करने के मामले में एक बड़ा तथ्य सामने आया है। बता दें कि जिस चौकीदार के पास से मोबाइल बरामद हुआ है, उसे केस के विवेचक दरोगा सूर्यदेव चौधरी ने खुद ही दिया था। वहीं इसके पहले करीब सात महीने तक दरोगा खुद ही इस मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। चौकीदार ने अपने बयानों में इसका खुलासा किया है।

विज्ञापन

जांच के दौरान भी यही तथ्य मिले हैं। ऐसे में विवेचक की सबसे बड़ी भूमिका पूरे प्रकरण में सामने आ रही है। 18 अगस्त 2021 को शासन की एक टीम सजेती पहुंची थी। अवैध खनन में शामिल दो माफिया को दबोच कर पुलिस को सौंपा था। खनन निरीक्षक केबी सिंह ने इन दोनों पर नामजद और 55 अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कराया था।

Trending Videos

वहीं, नामजद आरोपियों में कुबेर सिंह नाम का शख्स शामिल था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल बरामद किया था। विवेचना के दौरान यह मोबाइल गायब हो गया था। मामले में एक महीने पहले विवेचक सूर्यदेव चौधरी, सिपाही अनमोल तिवारी और सिपाही यतिन को निलंबित किया गया था।

पिछले सप्ताह पुलिस ने चौकीदार अजय के पास से मोबाइल बरामद कर उसके खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। जानकारी के मुताबिक यह मोबाइल खुद सूर्यदेव ने अजय को दिया था। यह जानकारी अजय ने अपने बयानों में अफसरों को बताई है। इस बिंदु की जांच केस के विवेचक सीओ संग्राम सिंह कर रहे हैं।

अप्रैल में दिया था मोबाइल
मोबाइल की बरामदगी 18 अगस्त 2021 को हुई थी। सूत्रों के मुताबिक सर्विलांस की मदद से पता चला था कि चौकीदार अजय इसी साल अप्रैल से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। उसके मुताबिक अप्रैल में एक दिन जब वह सूर्यदेव चौधरी के कमरे में साफ सफाई कर रहा था, तब उन्होंने उसको यह मोबाइल दिया था। अब सर्विलांस की मदद से यह पता किया जा रहा है कि इसके पहले उस मोबाइल में कौन कौन से सिम चलाए गए हैं।

आखिर इन पर कार्रवाई कब
इस पूरे खेल में सबसे बड़ी भूमिका विवेचक के बाद तत्कालीन थानेदार रावेंद्र मिश्रा की रही है। वर्तमान में उनकी तैनाती झांसी में है लेकिन अब तक उनके खिलाफ रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। इसलिए कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं मालखाना इंचार्ज भी मोबाइल गायब होने के पीछे का जिम्मेदार है।
विज्ञापन

मामले की विस्तृत जांच चल रही है। जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनको जांच में शामिल किया जा रहा है। जिनकी भी मिलीभगत होगी उन पर कार्रवाई की जाएगी।  -तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें