कानपुर में दाल मिल में हादसा होने के पीछे बड़ी लापरवाही रही। दरअसल, जो टैंक फटा है, उसकी क्षमता 30 टन की थी, जबकि उसमें 50 टन मटर भरा गया था। टैंक भी जर्जर था और इसलिए टैंक फट गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है। वहीं मिल बगैर फायर एनओसी के चल रही थी। दमकल विभाग को भी इस संबंध में पुलिस ने जानकारी दी है। वह भी अपने स्तर से जांच करेगा।
एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला के अनुसार जो टैंक फटा है वह काफी पुराना था। मरम्मत की जरूरत थी जिसको मिल मालिक ने नहीं कराया। क्षमता से अधिक माल भरा था। मिल मालिक कृष्ण मोहन गुप्ता से इस संबंध में पूछताछ की गई है। तहरीर अगर मिलेगी तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। मिल किन-किन मानकों को दरकिनार कर चलाई जा रही थी इसकी तफ्तीश संबंधित विभाग करेगा।
स्टोर टैंक फटने से हुई मजदूर की मौत
पनकी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बुंदेलखंड एग्रो दाल मिल का गुरुवार सुबह फिल्ट्रेशन स्टोर टैंक अचानक फट गया। टैंक के परखचे उड़ गए और उसका एक हिस्सा मजदूर के ऊपर गिर गया। करीब एक घंटे तक दबे रहने की वजह से मजदूर की मौत हो गई जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे हैलट में भर्ती कराया गया है।
बता दें कि किदवई नगर निवासी कृष्ण मोहर गुप्ता का पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में दाल मिल है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह दिहाड़ी पर हमीरपुर के ललपुरा निवासी रिंकू (21) व बलवीर सिंह काम कर रहे थे। उनको टैंक का काम सौंपा गया था। मटर फिल्टर की जा रही थी। तभी तेज आवाज के साथ स्टोर टैंक फट गया।
वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने मिल मालिक को सूचना दी और टैंक के एक हिस्से के नीचे दबे रिंकू व बलवीर को निकालने में जुट गए। जब तक दोनों को बाहर निकाला तब तक रिंकू की मौत हो चुकी थी। एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच की जा रही है।
लावारिस में दाखिल कर दिया शव
फैक्टरी मालिक खुद रिंकू व बलवीर को लेकर हैलट पहुंचे थे। वहां पर दोनों का नाम, पता आदि न दर्ज करवाकर दोनों को लावारिस बताया। जब उनके परिजन वहां पहुंचे तो काफी देर तक इधर उधर घूमतेे रहे। जब डॉक्टरों ने परिजनों को दोनों को दिखवाया तब उन्होंने पहचान की। फैक्टरी मालिक के इस रवैये से परिजन बेहद नाराज रहे।