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बड़ा बदलाव: क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 40 साल बाद मेरिट खत्म, अब पहले आओ-पहले पाओ से प्रवेश, जानें क्या है वजह

Fri, 17 May 2024 10:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: प्रवेश प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 2024-2025 सत्र के लिए स्नातक एवं परास्नातक में ऑनलाइन आवेदन कर छात्र 20 मई से सीधे प्रवेश ले सकते हैं।
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क्राइस्ट चर्च कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 40 साल बाद मेरिट सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब यहां पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। जानकारों का मानना है कि छात्र अब प्रोफेशनल कोर्स को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं। इस वजह से मुख्य कोर्स जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम से रुझान घटा है। सीटें तक भरना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते सत्र 2024-25 से बदलाव किया गया है। प्रवेश प्रक्रिया 20 मई से ऑनलाइन शुरू हो जाएगी।

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एक समय था, जब क्राइस्ट चर्च कॉलेज में दाखिले के लिए लंबी कतारें लगती थीं। ऐसे में मेरिट भी हाई जाती थी। नेता, मंत्री तक प्रवेश के लिए सिफारिश करते थे। अब समय ऐसा आ गया है कि मुख्य कोर्स की सीटें भरना ही चुनौती है। 2021-22, 2022-23, 2023-24 में विज्ञान वर्ग की 400 सीटों को भरना मुश्किल हो गया था। बीए और बीकॉम की स्थिति भी अच्छी नहीं रही। कटऑफ कम करने के साथ ही तीन-तीन मेरिट जारी करने के बाद भी सीटें नहीं भर पाईं थीं।

बीए और बीकॉम में प्रवेश के लिए इंटर में 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए
प्रवेश प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि क्राइस्ट चर्च कॉलेज में 2024-2025 सत्र के लिए स्नातक एवं परास्नातक में ऑनलाइन आवेदन कर छात्र 20 मई से सीधे प्रवेश ले सकते हैं। बीए में कुल 360, बीकॉम में 400 एवं बीएससी (बायो एवं मैथ) में 480 सीटें निर्धारित हैं। एमकॉम में 160, एमएससी में 134 एवं एमए में कुल 420 सीटें हैं।  प्रवेश के लिए छात्रों को कॉलेज की वेबसाइट (www.cccknp.ac.in) पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कॉलेज ने खुद ही कटऑफ तय कर दी है। बीए एवं बीकॉम में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट में 60 फीसदी तथा बीएससी में प्रवेश के लिए 50 फीसदी अंक होने चाहिए।

अब गणित के तीन में दो सेक्शन
कॉलेज में पहले गणित में तीन और बायो में दो सेक्शन होते थे। अब गणित के सेक्शन दो और बायो के तीन हो गए हैं। हालांकि दोनों ही विभागों की सीटें खाली रहती हैं। 480 में बमुश्किल 325 सीटें ही भर पाती हैं।

बदल गईं हैं प्राथमिकताएं, नौकरी वाले कोर्स को तरजीह
कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डीसी श्रीवास्तव बताते हैं कि अब छात्रों की प्राथमिकताएं बदल गईं हैं। अब सामान्य बीए कोई नहीं करना चाहता है। सभी को नौकरी चाहिए, इसलिए जॉब ओरिएंटेड कोर्स की ओर जा रहे हैं। कोरोना और नई शिक्षा नीति के बाद यह स्थिति तेजी से बदली है।

सन 1866 का कॉलेज, 1984 में शुरू हुई मेरिट व्यवस्था, छह साल पहले तक हाई रही मेरिट
क्राइस्ट चर्च कॉलेज की स्थापना 1866 में हुई थी। तब कॉलेज कोलकाता यूनिवर्सिटी से संबद्ध था। 1892 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, 1927 में आगरा यूनिवर्सिटी और 1966 से कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध है। शुरुआत में सीधे प्रवेश होते थे, लेकिन धीरे-धीरे सीटों के सापेक्ष आवेदनों की संख्या में इजाफा होने लगा। इसके चलते 1984 में मेरिट व्यवस्था शुरू की गई थी। वरिष्ठ प्रोफेसर डीसी श्रीवास्तव कहते हैं कि यह कॉलेज शहर की शान रहा है। 2018 तक बीकॉम में 86 फीसदी, बीए और बीएससी में 70 फीसदी तक कटऑफ जाती रही है।
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बीएससी में तीन साल में इस तरह घटे प्रवेश

सत्र                      सीटें             प्रवेश
2021-22             480             325
2022-23             480             345
2023-24             480             312

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