अनुशासनहीन छात्रों को सुधारने के लिए कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने नई नीति बनाई है। दोषी मेडिकल छात्रों पर अब न तो फाइन लगेगा और न ही उनका निष्कासन किया जाएगा। उन्हें सुधारने के लिए आध्यात्मिक केंद्रों में भेजा जाएगा।
जब तक यह सुनिश्चित नहीं होगा कि वे सुधर गए हैं तब तक वे हॉस्टल के बजाय इन केंद्रों पर रहेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक शनिवार हॉस्टल में योग अनिवार्य कर दिया गया है। इससे मेडिकल छात्र आत्म नियंत्रण सीखेंगे और दूसरों से अच्छा बर्ताव करेंगे। तीन इंटर्न छात्रों को आरके मिशन भेजा गया है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव और दूसरे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में केंद्रों से बात कर लें।