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न तो फाइन और न ही निष्कासन, अब मेडिकल छात्रों को सुधारेगा आध्यात्म

Tue, 23 Apr 2019 04:22 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो
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अनुशासनहीन छात्रों को सुधारने के लिए कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने नई नीति बनाई है। दोषी मेडिकल छात्रों पर अब न तो फाइन लगेगा और न ही उनका निष्कासन किया जाएगा। उन्हें सुधारने के लिए आध्यात्मिक केंद्रों में भेजा जाएगा।
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जब तक यह सुनिश्चित नहीं होगा कि वे सुधर गए हैं तब तक वे हॉस्टल के बजाय इन केंद्रों पर रहेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक शनिवार हॉस्टल में योग अनिवार्य कर दिया गया है। इससे मेडिकल छात्र आत्म नियंत्रण सीखेंगे और दूसरों से अच्छा बर्ताव करेंगे। तीन इंटर्न छात्रों को आरके मिशन भेजा गया है।

सोमवार को मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव और दूसरे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में केंद्रों से बात कर लें।
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ऐसे धर्मगुरु जिनके आश्रम हैं या आध्यात्मिक केंद्र संचालित करते हैं, उनसे भी बात करने के लिए अधिकारियों से कहा गया है। न्यूरो साइंसेस की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर से अभद्रता के आरोपी तीन इंटर्न छात्रों अमरनाथ, कौशलेंद्र और ललितेश को पहले ही आरके मिशन भेजा जा चुका है। 

इस संबंध में प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव का कहना है कि आध्यात्मिक केंद्रों में रहने पर सेवा भाव आता है। इसके साथ ही छात्रों की सिगरेट, तंबाकू आदि की लत भी छूट जाएगी। प्रत्येक शनिवार को छात्रावासों में योग अनिवार्य कर दिया गया है।
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