शादी अनुदान व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में करोड़ों के घोटाले में फंसे एक तहसीलदार और 19 लेखपालों को पुलिस ने नोटिस भेजा है। नोटिस में तय समय में अपने बयान दर्ज कराने को आदेशित किया गया है। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
मामले में जांच पूरी होने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार सदर रितेश कुमार सिंह ने दो अगस्त को कोतवाली थाने में धोखधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें तत्कालीन सदर तहसीलदार अतुल कुमार के अलावा लेखपाल आलोक कुमार, स्नेहहंस, गुलाब सिंह, प्रीति दीक्षित, नीतू त्रिपाठी, अजय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, पीयूष सिंह, हरनारायण दुबे, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, राम खिलावन भारती, अरविंद तिवारी, दिलीप सचान, सुशील कुमार, आशीष यादव, हरिशंकर विश्वकर्मा, अश्विनी कुमार, देवेंद्र बाजपेई और धर्मपाल को आरोपी बनाया गया है।
आरोप है कि इन सभी ने मिलकर शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ योजना में घोटाला किया है। कोतवाली इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला धोखाधड़ी का है इसलिए सभी आरोपियों को नोटिस भेजा गया है। पहले सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे।
उनको मौका दिया जाएगा कि वह निर्दोष होने के साक्ष्य प्रस्तुत करें। जो जैसे जवाब देगा वो जांच में शामिल किया जाएगा। जिसके खिलाफ धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलते जाएंगे उनकी गिरफ्तारियां की जाएंगी। पुलिस का कहना है कि जांच में थोड़ा समय लगेगा।