शादी की पहली सालगिरह वाले दिन ही दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर देने वाले पति को जिला जज रामपाल सिंह ने दस साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने से 20 हजार रुपये मृतक के वारिसों को मिलेंगे।
लक्ष्मीपुरवा निवासी कमल तिवारी ने अपनी बहन प्रीति की शादी नौबस्ता के खाड़ेपुर कालोनी निवासी कन्हैया लाल शुक्ला के साथ 4 मार्च 2017 को की थी। ससुरालीजन प्रीति को दहेज के लिए मारते-पीटते थे। 4 मार्च 2018 की शाम कन्हैया ने प्रीति की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया और फरार हो गया।
कमल ने ससुर रामनारायण शुक्ल, जेठ संतोष व पति कन्हैया के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि जेठ और ससुर के गांव में रहने की बात सामने आई थी इसलिए सिर्फ कन्हैया के खिलाफ ही चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी।
बचाव पक्ष ने तर्क रखा था कि प्रीति को बेटी पैदा हुई थी लेकिन दो-तीन दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी जिसके कारण वह डिप्रेशन में रहती थी और खुदकुशी कर ली थी लेकिन कोर्ट में यह बात साबित नहीं हो सकी।
वहीं अभियोजन ने तर्क रखा था कि कन्हैया पहले भी एक शादी कर चुका था और पहली पत्नी की भी संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। दूसरी पत्नी की भी मौत इत्तेफाक नहीं हो सकता। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने कन्हैया को दोषी मानकर सजा सुनाई।