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Eco Tourism: पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होंगे दर्शनीय स्थल, कानपुर सहित जुड़ेंगे मंडल के कई जिले

Sat, 20 Aug 2022 07:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उत्तर प्रदेश में पहली बार इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित बोर्ड न एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत कानपुर, इटावा, कन्नौज आदि जिले इको टूरिज्म सर्किट से जुड़ेंगे। इन क्षेत्रों में दर्शनीय स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएणगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर महानगर सहित मंडल के कई जिलों को ईको टूरिज्म सर्किट से जोड़ा जाएगा। इस सर्किट में कानपुर प्राणि उद्यान, इटावा चंबल सेंचुरी और कन्नौज के पक्षी विहार सहित पर्यावरण की दृष्टि से घूमने वाले कई स्थानों को रखा गया है। यह फैसला प्रदेश में पहली बार गठित इको टूरिज्म बोर्ड के तहत लिया गया है।

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बोर्ड के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में इको टूरिज्म की संभावना तलाशी जा रही है। इसमें कुछ नए स्थानों को भी जोड़ा जाएगा। जो अभी तक चर्चा में नहीं हैं लेकिन प्राकृतिक रूप से काफी समृद्ध हैं। चिड़ियाघर के अलावा कानपुर के गंगा बैराज को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। बिठूर में भी ऐसे स्थान की तलाश की जा रही है। इस योजना के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

इको टूरिज्म सर्किट वाले स्थान
कानपुर- प्राणि उद्यान नवाबगंज
इटावा- लॉयन सफारी, चंबल सेंचुरी वेट लैंड
कन्नौज- लाख बहोशी झील पक्षी विहार
उन्नाव- पक्षी विहार नवाबगंज

इको टूरिज्म बोर्ड के तहत प्रदेश के पर्यावरण आच्छादित स्थानों को जोड़ा जा रहा है, इससे लोगों को घूमने की अच्छी जगह भी मिलेगी और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। कानपुर के आसपास ऐसे कई स्थान हैं, जिन्हें एक सर्किट में जोड़ने पर भी काम किया जाएगा।  -अरविंद यादव, डीएफओ
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बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है। इसके साथ ही यह सामान्य रूप से देश और विशेष रूप से प्रदेशवासियों को भी विश्वस्तरीय इको पर्यटन की सुविधा देगा।
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