सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कन्नौज संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा वोट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस बार उन्हें छह लाख से ज्यादा वोट मिले हैं। इसके पहले कभी किसी प्रत्याशी को छह लाख या उससे ज्यादा वोट नहीं मिले थे। हालांकि जीत के अंतर के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने से वह चूक गए। इस सीट पर 2004 के चुनाव में उनके नाम तीन लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत का रिकॉर्ड है। वोटों के अंतर से यह उनकी दूसरी बड़ी जीत है।
कन्नौज संसदीय सीट से अखिलेश यादव चौथी बार लोकसभा का चुनाव जीतने में कामयाब हुए हैं। हर चुनाव में उनके नाम अलग और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। 2000 के चुनाव में जब वह पहली बार जीते थे तो इस सीट पर पहली बार हुए उपचुनाव में जीत का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ। उस चुनाव में वह 58725 वोट से जीते थे। अगले चुनाव 2004 में उन्होंने तीन लाख से ज्यादा वोट के अंतर से चुनाव जीता। उन्हें कुल 464367 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे बसपा के ठाकुर राजेश सिंह को 156994 वोट मिला था।
भाजपा के रामानंद यादव को 112349 वोट ही मिला था। इस तरह अखिलेश यादव वह चुनाव 307373 वोट के भारी अंतर से जीते थे। इस सीट पर अब तक यह रिकॉर्ड कायम है। 2009 के चुनाव में अखिलेश यादव 115864 वोट के अंतर से जीते थे। इस बार वह 170922 वोट के अंतर से जीते हैं। वोटों के अंंतर से यह उनकी दूसरी बड़ी जीत है। किसी भी प्रत्याशी की यह इस सीट पर दूसरी बड़ी जीत है। इस तरह अखिलेश यादव के नाम ही सबसे बड़ी तीन जीत का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
अखिलेश को हर चुनाव में इस तरह मिले वोट
| चुनाव |
मिले वोट |
जीत का अंतर |
मत प्रतिशत |
| 2000 का उपचुनाव |
306054 |
58725 |
43.10 |
| 2004 का चुनाव |
464367 |
307373 |
61.21 |
| 2009 का चुनाव |
356895 |
115864 |
45.52 |
| 2024 का चुनाव |
642292 |
170922 |
52.74 |
पिछले चुनाव में सुब्रत-डिंपल ने पार किया था पांच लाख का आंकड़ा
2019 के चुनाव में पहली बार किसी प्रत्याशी को पांच लाख या उससे ज्यादा वोट मिले थे। भाजपा से जीते सुब्रत पाठक और सपा से लड़ीं डिंपल यादव दोनों को ही पांच लाख से ज्यादा वोट मिले थे। सुब्रत पाठक को 563087 वोट मिले थे, जबकि डिंपल यादव को 550734 वोट मिले थे। इस बार अखिलेश यादव ने पिछले चुनाव में मिले वोट का आंकड़ा पार करने के साथ ही पहली बार यहां से छह लाख से ज्याजा वोट हासिल करने का भी रिकॉर्ड बना लिया।