इटावाः साल के अंत में रविवार को इटावा सफारी पार्क में भालू शंकर की मौत होने से सफारी को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को आईवीआरआई बरेली के डॉक्टरों की टीम ने भालू शंकर के शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें पाया गया कि सांस नली में अवरोध होने से उसकी मौत हो गई थी। शंकर की मौत से सफारी में मायूसी का माहौल है। वहीं टीबी से पीड़ित एक अन्य मादा भालू कुन्नी की देखरेख और बढ़ा दी गई है।
इस सब के बीच सफारी प्रशासन को आईवीआरआई बरेली से एक खुश खबरी भी मिली है जो निश्चित तौर पर सफारी को शंकर की मौत के मामले से उबारने का काम करेगी। यह खुश खबरी जेसिका की पॉजिटिव फीकल रिपोर्ट है। जिससे साफ हो गया है कि जेसिका गर्भवती है।
शनिवार-रविवार रात सफारी के भालू शंकर की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान सुबह उसकी मौत हो गई। शंकर पिछले काफी समय से टीबी से पीड़ित था। शंकर की मौत के बाद उसके शव को सफारी में ही सुरक्षित रख लिया गया था। सोमवार को आईवीआरआई के डॉ. एके शर्मा, डॉ. पीएस बनर्जी, डॉ. राजेंद्र वर्मा व सफारी के डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें पाया गया कि उसको बीमारी के चलते सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। स्थिति और खराब होने सांस नली में रुकावट बढ़ने से उसकी मौत हो गई।
इसके साथ ही बिसरा को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इस घटना के बाद सफारी में मायूसी का माहौल है। उधर सफारी प्रशासन एक और दूसरी मादा भालू कुन्नी को लेकर बेहद चिंतित हो गया है। सोमवार को आईवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों ने बीमार भालू कुन्नी का भी चेकअप किया और सफारी के डॉ. गौरव श्रीवास्तव को इलाज संबंधी सलाह दी। जिसके आधार पर कुंन्नी को और बेहतर इलाज दिया जाने लगा है।
जनवरी में मिलेगी सफारी को जेसिका से खुशखबरी
मायूसी भरे माहौल में आईवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों ने जेसिका की दूसरी फीकल रिपोर्ट भी सफारी प्रशासन को सौंपी है। इस रिपोर्ट में शेरनी जेसिका की प्रेगनेंसी पॉजिटिव पाई गई है। जेसिका के गर्भवती होने की इस खबर से सफारी शंकर की मौत से काफी कुछ उबर गया है। माना जा रहा है कि गर्भवती जेसिका जनवरी के अंतिम सप्ताह में शावकों को जन्म देगी। जिससे सफारी में फिर से खुशियां लौट आएंगी। मालूम हो की शेरनी जेसिका ने ही इससे पहले भी शावक शिम्बा और सुल्तान को जन्म दिया था।
तीम माह 10 दिन की होती है प्रेगनेंसी अवधि
पशु विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर शेरनी की प्रेगनेंसी अवधि तीन माह 10 दिन होती है। जबकि मेटिंग होने के लगभग 56 दिन बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि शेरनी गर्भवती है या नहीं। शेरनी का गर्भवती होना या न होना उसके नेचर पर आधारित होता है। इटावा सफारी पार्क में शेरनी जेसिका की अक्तूबर में मेटिंग कराई गई थी। जिसके बाद उसकी पहली फीकल रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि वह गर्भवती है या नहीं। जिसके बाद जेसिका क ी फीकल का दूसरा सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आ गई। जिसमें जेसिका को गर्भवती बताया गया है।
शंकर के बाड़े की हटाई जा रही मिट्टी, किया जाएगा संक्रमण मुक्त
भालू शंकर की मौत के बाद सफारी प्रशासन ने अन्य भालुओं को सुरक्षित करने के लिए उस बाडे़ की विशेष सफाई शुरू कर दी है। इसके लिए जिस कच्चे बाडे़ में शंकर को रखा गया था उसकी पूरी मिट्टी को हटाने का काम किया जा रहा है। जिसके बाद यहां पर नई मिट्टी डलवाई जाएगी। साथ ही पक्के और कच्चे दोनों बाड़ों को केमिकल से साफ किया जाएगा। जिससे बाड़े पूरी तरह से टीबी के वायरस से मुक्त हो जाएं। स्टरलाइजेशन के इस कार्य के बाद भी अन्य भालुओं को अभी कुछ दिनों के लिए शंकर के बाडे़ से दूर रखा जाएगा।