कानपुर में दुग्ध समिति चुनाव के विवाद में सचिव के भाई की हत्या करने वाले चार ग्रामीणों को अपर जिला जज षष्टम अवनीश कुमार ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अकबरपुर निवासी नाहर सिंह यादव उर्फ चंद्र प्रकाश 6 अप्रैल 2002 को दूध देने विजय नगर आया था जहां से वह लापता हो गया।
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नाहर के भाई और मड़वाई दुग्ध समिति के सचिव प्रेमबाबू ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 साल पहले 17 अप्रैल को गुबार के जंगल में नाहर की लाश मिली थी। पुलिस विवेचना में दुग्ध समिति के विवाद को लेकर गांव के ही शिव सिंह यादव, रमाशंकर सिंह, रघुवीर सिंह व योगेंद्र सिंह पर अपहरण, हत्या लाश फेंकने की बात सामने आई थी।
एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से 21 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने शिवसिंह, रमाशंकर, रघुवीर व योगेंद्र को दोषी मानकर सजा सुनाई।