इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले उदन को गिरफ्तार किया है। एसीपी कर्नलगंज अमरनाथ यादव ने बताया कि करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद उदन ने जुबान खोली और वारदात की बात कबूली। इसके बाद शव को बरामद किया जा सका। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
बेटी घर से निकली, तो पीछे-पीछे चल दिए पिता और भाई
एसीपी ने बताया कि उन्नाव से लौटने के बाद चारों ने आरोपी की बेटी को रात साढ़े 12 बजे मिलने बुलाया। जब किशोरी घर से निकली तो पीछे-पीछे उदन व सोनू भी चल दिए। देखा कि बेटी चारों लड़कों से बातचीत कर रही है। इसी दौरान दोनों ने पहले बेटी को घर भेजा। उसके बाद चारों पर हमला कर दिया। सौरभ हत्थे चढ़ गया, तो उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने बाद घर में ही मिला पिता
एसीपी ने बताया कि उदन वारदात को अंजाम देने के बाद घर पर ही था। बेटा सोनू फरार है। जब पुलिस ने दबिश, तो उदन बाहर आया। कहा कि उस पर जो आरोप लगाए गए हैं, फर्जी हैं। थाने लाकर पूछताछ की गई, तो भी कई घंटे तक जुबान नहीं खोली। सख्ती के बाद उसने वारदात कबूली। अब पुलिस फरार सोनू की तलाश कर रही है।