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Kanpur Zika Virus: 16 लोगों में जीका वायरस की पुष्टि, दो गर्भवती भी संक्रमित, कुल आंकड़ा 105 पहुंचा

Tue, 09 Nov 2021 03:38 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना संक्रमण के बाद फैला डेंगू और वायरल का प्रकोप अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ कि जीका वायरस ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। कानपुर में कुल जीका संक्रमितों की संख्या 105 पहुंच गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में जीका के 16 और मरीज मंगलवार को मिले हैं। संक्रमितों की संख्या सौ पार हो गई है। नए संक्रमितों में सात महिलाएं हैं। इनमें दो गर्भवती हैं। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अधिकारियों ने अल्ट्रासाउंड कराया। गर्भस्थ शिशुओं की स्थिति सामान्य आई है। जीका संक्रमित एक गर्भवती महिला काजीखेड़ा और दूसरी फेथफुलगंज की है।
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जीका संक्रमित गर्भवती महिलाओं की संख्या तीन हो गई। कुल संक्रमित 105 हो गए हैं। चकेरी क्षेत्र के पोखरपुर, आदर्शनगर, तिवारीपुर बगिया, काजीखेड़ा और फेथफुलगंज में नए जीका संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग इन्हीं क्षेत्रों में सैंपलिंग करा रहा है। संक्रमितों की रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और सोर्स रिडक्शन अभियान चलाया।

संक्रमित के घर के चारों तरफ चार सौ मीटर के दायरे में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराया गया। इसके साथ ही संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की सैंपलिंग की है। सैंपल जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे। इस वक्त शहर में महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य और दिल्ली की एनआईसीडी की टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं।
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विभाग के राज्य सर्वेलांस अफसर डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही अधिकारियों से मच्छरों से बचाव की रणनीति के संबंध में जानकारी ली। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि विभागीय टीमें संक्रमण की रोकथाम में लगी हुई हैं। 




 
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कुछ तथ्य
- जीका वायरस डेंगू फैलाने वाले मच्छर एडीज से फैलता है
- गर्भवती महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है
- गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास नहीं होता
- इसकी मृत्यु दर कम बताई जाती है
- पहली बार वर्ष 1952 में यह अफ्रीका के जंगल में एक लंगूर में मिला
- वर्ष 1954 में इसे विषाणु करार दिया गया
- वर्ष 2007 में एशिया और वर्ष 2021 में केरल और महाराष्ट्र में केस मिले
- 60 फीसदी संक्रमितों में रोग के लक्षण नहीं उभरते

रोग के लक्षण
- हल्का बुखार
- शरीर में दाने और लाल चकत्ते
- सिर दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- आंखों में लाली
- गुलेन बारी सिंड्रोम, न्यूरोपैथी

बचाव
- खुद को मच्छरों के काटने से बचाएं
- शरीर को फुल आस्तीन के कपड़ों से ढंके रखें
- मच्छरों को घर के आसपास पनपने न दें
- गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर मच्छरों से बचाएं
- घर के टूटे बर्तन, टायर, कूलर में पानी भरा न रहने दें।
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