मौसम के कड़क तेवरों ने सोमवार को सूरज की गर्मी शांत कर दी। तूफानी हवाओं से दोपहर में ही अंधेरा छा गया। बारिश होने के साथ-साथ बाहरी इलाकों में ओले भी गिरे। पारा आठ डिग्री से ज्यादा लुढ़क गया। मगर तेज हवाओ से आधे शहर की बिजली भी उड़ गई। पेड़ धराशाई हो गए और जगह जगह जाम लग गया।
पाकिस्तान से सटे पंजाब से उठीं चक्रवाती हवाओं ने सोमवार को शहर का मौसम बदल दिया। दोपहर एक बजे चलना शुरू हुईं ठंडी हवाओं ने ढाई बजते बजते 30 किमी प्रति धंटा की रफ्तार पकड़ ली। घुप्प अंधेरा छा गया। बिजली कड़कने के साथ बारिश भी शुरू हो गई। वाहनों को हेडलाइट जलानी पड़ गई। पारा आठ डिग्री से ज्यादा लुढ़क गया और 25 के आसपास जाकर टिका। पेड़ हवा में झूलते झूलते उखड़ने लगे। बिठूर और शिवली में ओले भी गिरे। आधे शहर की बिजली चली गई और कई इलाकों में शाम तक ठप रही। जगह-जगह जाम भी लग गया। बारिश के बाद हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला शाम छह बजे के बाद तक जारी रहा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार करीब दो घंटे इसी तरह का मौसम बना रहा। शहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश और बादलों की वजह से दिन का पारा 8.2 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 25 डिग्री दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्. से 2.3 डिग्री कम है। डॉ पांडेय के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 28 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। इस बीच दिन में धूप निकल सकती है और अचानक बारिश भी संभव है।
बिठूर कटरी में सब्जी की फसल बर्बाद
तेज बारिश के साथ साथ ओले गिरने से बिठूर के कटरी इलाके की करीब 150 बीघे सब्जी की फसल बर्बाद हो गईं। तरोई, लौकी, करेला, खीरा, ककड़ी, टमाटर ओले की तेज मार की वजह से फट गए। गंगा बैराज से लेकर शिवराजपुर तक भी गंगा किनारे होने वाली सब्जी की फसल चौपट हो गयी। बिठूर निवासी किसान राकेश दीक्षित ने बताया उसकी चार बीघे में खीरे और करेले की तैयार फसल ओरों से चौपट हो गई। इसी तरह रमेल नगर निवासी बड़के गौड़, अमित गौड़, नन्हेलाल, सुनील गौड़, रामऔतार गौड़ समेत कई किसानों ने बताया कि उनकी 70 बोई सब्जी नष्ट हो गयी।
बड़ी मेहनत से खीरा,कद्दू,तरोई की फसल तैयार की थी लेकिन ओलों ने सब चौपट कर दिया। अब घर का खर्च कैसे चलेगा इसकी चिंता सता रही है। - रिंकू गौड़, रमेल नगर
कड़ी धूप की परवाह न करते हुए खीरा, टमाटर और तरोई आठ बीघे में बोई थी। फसल तैयार थी लेकिन अचानक गिरे ओलों ने सब तहस-नहस कर दिया। - रामऔतार, बाकरगंज
आंधी-बारिश से नौ जगह गिरे पेड़, जलभराव, यातायात बाधित
कानपुर में आंधी, बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। इस दौरान नौ स्थानों पर पेड़ गिरे। जलभराव होने से कई जगह यातायात भी बाधित रहा। गली पिट, नालियां साफ न होने से कई मोहल्लों की सड़कों पर पानी भरा रहा। जूही हमीरपुर रोड पर शिव मंदिर के पास पेड़ गिरने से एक मोटरसाइकिल और एक लोडर दब गए। दोनों गाड़ियों के चालकों ने बताया कि बारिश तेज होने के कारण सड़क पर इन्हें छोड़कर पास में स्थित दुकान के शेड के नीचे पहुंचे थे, तभी हादसा हो गया। फजलगंज औद्योगिक क्षेत्र में स्टेट बैंक के सामने पेड़ गिरने से यातायात घंटों ठप रहा। इसी तरह जेके मंदिर के सामने ग्रीनबेल्ट से सड़क पर पेड़ गिरा, जेसीबी से हटाते समय रेलिंग भी टूट गई।
इसी तरह नगर निगम मुख्यालय स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय के पास पेड़ की डाल गिरने से वहां ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों ने भाग कर जान बचाई। गोविंदनगर लेबर कालोनी में सेंट्रल पार्क के पास, दर्शनपुरवा, स्वरूपनगर मटका चौराहा, झाड़ी बाबा पड़ाव, कोहना में ठग्गू के लड्डू की दुकान के पास भी पेड़ गिरे। वहीं, गोविंदपुरी पुराने पुल के ऊपर नालियां चोक होने से बारिश के दौरान पानी भर गया। इससे राहगीरों को दिक्कतें हुईं।
जूही खलवा पुल में घंटों ठप रहा यातायात
शहर को दक्षिणी क्षेत्र से जोड़ने वाले जूही खलवा पुल में पानी भरने से तीन ई-रिक्शा, खड़खड़ा और घरों तक खाना पहुंचाने वाली एक कंपनी का कर्मचारी बाइक सहित फंस गया। एक ई-रिक्शा को खड़खड़ा चालक बाहर तक खींचकर लाया। शाम तक इस पुल पर यातायात ठप रहा। इसी तरह गुजैनी खलवा पुल में भी पानी भरने से आवागमन ठप हो गया।
गेट, बैरिकेडिंग गिरीं, सड़क पर भरा पानी
नगर निगम में नामांकन के दौरान धूल भरी आंधी आने से मोतीझील परिसर में लगीं बैरिकेडिंग गिर गईं। वहां मौजूद प्रत्याशी, उनके परिजन, समर्थक और सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी बचाव के लिए इधर-उधर भागे। मोतीझील मैदान में चल रही कथा के लिए बना गेट भी गिर गया। गली पिट चोक होने से कारगिल पार्क के सामने से अशोक नगर चौराहे तक सड़क पर पानी भरने से घंटों आवागमन प्रभावित रहा।
इटावा जिले में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं कन्नौज जिले में सुबह से आसमान खुला था। करीब 11 बजे बदली छा गई। दोपहर को तेज हवाएं चलीं। साथ ही रिमझिम बारिश भी हुई। इससे गेहूं की कटाई कर रहे किसानों को दिक्कतें हुई। हालांकि बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है।
औरैया जिले में सुबह से आसमान में बादल छा गए। तेज हवाएं चलीं और कुछ जगहों पर बारिश भी हुई। वहीं उन्नाव जिले में तेज हवा के बीच बूंदाबांदी हुई। जिससे बाद दिन में रात सा नजारा दिखाई दिया। कानपुर देहात के कई जगहों पर करीब 20 मिनट तक तेज बारिश के साथ ओले गिरे।