एक दिन में खुल गई पोल
शहर में शुक्रवार से राष्ट्रपति दौरे पर हैं। पीएम और सीएम कानपुर देहात में थे। पहली बार ऐसा हुआ कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान जुमे का दिन पड़ा और बंद का आह्वान किया गया। मगर कमिश्नरी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का संतुलन नहीं बना सकी। यही वजह रही कि बवाल शुरू होने के दौरान वहां पर पुलिस के नाम पर आठ-दस पुलिसकर्मी थे। इसलिए उपद्रवी काबू में नहीं आए।
पहली पुलिस कमिश्नरी, जहां बवाल हुआ
प्रदेश के चार शहरों नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में कमिश्नरी व्यवस्था लागू है। बीते विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल के नेताओं ने इस बात को मुद्दा बनाया था कि बीते पांच वर्षों में प्रदेश में कहीं भी सांप्रदायिक झड़प नहीं हुई। मगर अब इस छवि पर कानपुर कमिश्नरी ने दाग लगा दिया है।