वर्ष 1967 में पाकिस्तानी नागरिक आबिद रहमान ने मौला बख्श से यह संपत्ति खरीद ली थी। फिर वर्ष 1982 में मुख्तार बाबा के परिवार ने इस संपत्ति को खरीद लिया। वहीं, राम जानकी मंदिर के पूर्व किराएदार कंघी मोहाल निवासी एहसानउलहक अंसारी ने बताया कि राम जानकी मंदिर की संपत्ति संख्या 99/14 थी, जिसे आरोपियों ने नगर निगम में 99/14-ए में दर्ज कराकर उसमें कब्जा किया था।