आज जारी होगा दूसरी पोस्टर
कानपुर में हिंसा के बाद पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। पुलिस दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है। अभी तक 40 लोगों के पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं, आज पुलिस आरोपियों का दूसरा पोस्टर जारी करेगी। बता दें कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए फोटो हासिल किए थे। इन फोटो के जरिए उन सभी लोगों को पहचानने का काम किया जा रहा है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस से कहा कि इसकी जांच की जाए कि क्या कानपुर में पिछले दिनों हुई सांप्रदायिक हिंसा में असामाजिक तत्वों द्वारा बच्चों को शामिल किया गया था।
एनसीपीसीआर ने कानपुर के पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से उसके संज्ञान में यह बात आई है कि एक नाबालिग लड़के ने कर्नलगंज थाने में समर्पण किया क्योंकि गत तीन जून को हुई हिंसा के मामले में वह संदिग्धों के पोस्टर में शामिल था।
आयोग के अनुसार, इस मीडिया रिपोर्ट में यह संकेत भी मिलता है कि यह नाबालिग लड़का पथराव में शामिल था और वीडियो फुटेज के आधार पर उसकी पहचान की गई। उसने कहा कि उसकी राय है कि असामाजिक तत्वों ने इस हिंसा में बच्चों को शामिल किया था और प्रथम दृष्टया यह किशोर न्याय कानून, 2015 की धाराओं 75 और 83 (2) तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं के विरूद्ध है।
आयोग ने पुलिस से कहा कि नाबालिग लड़के को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाए। एनसीपीसीआर ने कानपुर पुलिस से इस मामले में तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी देने को कहा है।