घटनास्थल पर जांच करते एसडीएम और अन्य अधिकारी
- फोटो : amar ujala
अभी तक लंबित है प्रस्ताव
हालांकि, अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकल सका है। उन्होंने यह भी बताया कि 50 से कम बच्चों वाले इस स्कूल को जर्जर भवन के चलते मया का पुरवा के स्कूल में विलय के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया था, जो अभी तक लंबित है।