औद्योगिक से ज्यादा शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण
पिछले काफी समय से महानगर के औद्योगिक क्षेत्रों को प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण माना जाता रहा है लेकिन आईआईटी की रिपोर्ट आने के बाद नया खुलासा हुआ है। यही वजह है कि बोर्ड की तरफ से पिछले 2 साल के अंदर शहरी क्षेत्रों में ही प्रदूषण मापक मॉनिटर स्थापित किए गए हैं, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में अभी तक कोई भी स्वचालित प्रदूषण मापक मॉनिटर स्थापित नहीं किया गया है।
बोर्ड का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र से ज्यादा शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण फैल रहा है। इसलिए उसको नियंत्रण करने के लिए और लगातार जानकारी देने के लिए कल्याणपुर एनएसआई, आईआईटी कल्याणपुर, किदवई नगर और नेहरू नगर में प्रदूषण मापक मॉनिटर स्थापित किए गए हैं।
नगर निगम की फॉगिंग गाड़ियां खड़ीं
प्रदूषण को कम करने में सहायक नगर निगम के फॉगिंग वाहन कई दिनों से खड़े ही हैं। शहर की खराब सड़कों से उड़ रही धूल नगर निगम के अफसरों को दिख ही नहीं रही है। इन वाहनों की लगातार फॉगिंग से प्रदूषण का स्तर में कमी पहले भी देखी जा चुकी है।
आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के बाद बोर्ड की तरफ से सड़कों के लिए जिम्मेदार विभागों को भी गाइडलाइन भेजी गई है और समय-समय पर इसमें सुधार के लिए भी जिलाधिकारी के माध्यम से दिशा निर्देश जारी किए जाते रहते हैं।
अनिल माथुर क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड