एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि एकसाथ सबसे अधिक लोगों की हत्या इसी वारदात में की गई थी। अब जब अन्य केसों की विवेचना के दौरान रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट जुटाई गई तो उसमें इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम साक्ष्य सामने आए हैं।
इसमें वादी, गवाह आदि के नाम और बयान मिले हैं। इन्हीं दस्तावेजों में राघवेंद्र सिंह कुशवाहा का नाम है, जिसकी हत्याकांड में मुख्य भूमिका थी। अब नए सिरे से इस केस के वादी, गवाहों आदि की तलाश शुरू की गई है। कोर्ट में केस को आगे बढ़ाने की अपील भी की गई है।
तेल कारोबारी थे सिख, बोरों में भरकर लूटी थी रकम
डीआईजी ने बताया कि जिन 13 लोगों की हत्या की गई थी वह एक ही परिवार के थे। वे सब तेल का कारोबार करते थे। इसलिए इस घर को दंगाइयों ने निशाना बनाया था। सभी को मौत के घाट उतारने के बाद उनके घर से बोरों में भरकर पैसे लूट ले गए थे। इसके साक्ष्य आज भी मौजूद हैं।
अब अन्य केसों में शुरू होगी गिरफ्तारी
सिख विरोधी दंगों में अभी तक 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी निराला नगर तिहरे हत्याकांड से जुड़े हैं। इसमें अभी 16 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। डीआईजी ने बताया कि कई केस ऐसे हैं, जिनमें दो, चार, छह आरोपी हैं। अब इन केसों के आरोपियों की गिरफ्तारी कर जल्द से जल्द उनमें चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।