आगजनी मामले में पहले गवाह के रूप में एफआईआर लेखक, दूसरे गवाह के रूप में वादिनी नजीर फातिमा की बेटी कनीज जेहरा और तीसरे गवाह के रूप में नजीर के बेटे शमसुल हसन को अभियोजन ने कोर्ट में गवाही के लिए पेश किया था। इरफान और रिजवान की ओर से अधिवक्ताओं ने 20 अप्रैल को जिरह पूरी कर ली थी। मंगलवार को आरोपी शौकत अली की ओर से अधिवक्ता रवींद्र वर्मा, मो.शरीफ की ओर से अधिवक्ता चंद्रप्रकाश शर्मा और इसराइल आटे वाला के अधिवक्ता जमीर अंसारी ने शमसुल हसन से जिरह की। लगभग साढ़े तीन घंटे जिरह चली। मामले में महाराजगंज जेल में बंद इरफान की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई जबकि कानपुर जेल में बंद बाकी चारों आरोपी कोर्ट में हाजिर रहे।