पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से बढ़ी नमी ने शहर की हवा में और जहर घोल दिया है। इसके चलते सड़कों व निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और वाहनों के धुएं के हानिकारक कण वातावरण की निचली सतह पर ही जमा हो रहे हैं।
यही वजह रही कि सोमवार को सीजन में पहली बार शहर के दो क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति लाल निशान के भी पार चली गई। नेहरूनगर और आईआईटी के आसपास के क्षेत्र में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 400 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
नेहरूनगर में एक्यूआई 460 और आईआईटी के आसपास 422 तक पहुंच गया। बाकी क्षेत्रों में भी प्रदूषण काफी खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। सुबह के समय दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में जब एक्यूआई 401 था, उस समय कानपुर में 450 तक पहुंच गया था।
दिन में धूप निकलने के बाद इसमें थोड़ी कमी आई, लेकिन शाम पांच बजे से यह फिर बढ़ना शुरू हो गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, ज्यादातर क्षेत्रों में अभी भी सड़कों की खराबी से धूल उड़ रही है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।