फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर पुलिस की फजीहत: ‘आधे-अधूरे’ साक्ष्यों पर कोर्ट के सवाल, बिल्डर को तुरंत रिहा करने का आदेश, ये है मामला

Fri, 26 Jun 2026 09:47 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: चर्चित गेस्ट हाउस विवाद में बिल्डर विवेक गुप्ता को कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य न होने और पुलिस की लचर विवेचना के कारण रिहा कर दिया। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की दोबारा विवेचना के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
गजेंद्र सिंह नेगी का गेस्ट हाउस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में केशवपुरम स्थित नेगी गेस्ट हाउस में तोड़फोड़ कर कब्जा और लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बिल्डर विवेक गुप्ता को कोर्ट ने जेल भेजने से इनकार करते हुए रिहा कर दिया। आधी अधूरी तैयारी और महिला की एप्लीकेशन को आधार बनाकर कोर्ट पहुंचे विवेचक कोर्ट के सवालों के आगे टिक नहीं पाए। लिहाजा कोर्ट ने आरोपी को तुरंत रिहा करने और पुलिस को दोबारा विवेचना के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन

केशवपुरम निवासी भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी की पत्नी प्रीति बाजपेयी ने बीते 25 मार्च को रावतपुर थाने में बिल्डर विवेक कुमार गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके नेगी गेस्ट हाउस एंड होटल पर विवेक ने अपने साथियों के साथ मिलकर जबरन कब्जा कर लिया जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन था। विवेक ने गलत साक्ष्य प्रस्तुत कर गेस्ट हाउस का बिजली कनेक्शन भी कटवा दिया।

स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए विवेचक
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले में लूट, मारपीट, अभद्रता, बलवा समेत आठ धाराएं बढ़ाईं और तीन माह बाद मंगलवार को विवेक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 14 दिन की रिमांड मांगी। इस पर कोर्ट ने विवेचक से कई सवाल किए, जिसका वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।

जब एडीसीपी मौके पर थे, तब गिरफ्तार क्यों नहीं की
पुलिस ने प्रीति बाजपेयी की तहरीर पर जब रिपोर्ट दर्ज की थी तब कब्जा करने की धारा लगाई थी। इसके बाद आठ और धाराएं बढाईं। कोर्ट ने जब विवेचक से साक्ष्य पूछे तो कहा कि महिला के बयान के आधार पर धाराएं बढ़ी हैं। इसपर कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज करते समय धाराएं क्यों नहीं लगीं।

एक गेस्ट हाउस में कितने डीवीआर थे
विवेचक ने कहा कि गेस्ट हाउस से 18 हजार रुपये और डीवीआर लूटा गया।  इस पर कोर्ट ने कहा कि जब डीवीआर लूट लिया गया, तो कब्जा करने का फुटेज कैसे प्राप्त हो गया। आखिर एक गेस्ट हाउस में कितने डीवीआर थे। भूखंड संख्या एम/पीआर-24 में लगे जिस सीसीटीवी कैमरे का जिक्र है। उसमें सिर्फ लॉन दिख रहा है, तो क्या मैदान में रुपये रखे थे।

पुलिस क्या कर रही थी
विवेचक ने तर्क दिया कि पीड़िता से अभद्रता हुई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में एडीसीपी मौके पर दिख रहे हैं। अगर अपराध हुआ था, तो पुलिस क्या कर रही थी तुरंत गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। क्या पुलिस कब्जा करा रही थी। पुलिस ने गिरफ्तारी मंगलवार दोपहर तीन बजे दिखाई हालांकि धाराएं उसके बाद रात को बढ़ाई गईं।
विज्ञापन

अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वाले की गिरफ्तारी पर हुई थी किरकिरी
पुलिस की इससे पहले भी किरकिरी हो चुकी है। बीते दिनों अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट ले गई थी। वहां भी कोर्ट ने जमकर फटकार लगाते हुए मजबूत आधार न होने पर आरोपी को तुरंत रिहा कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें