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Kanpur: इंफ्लुइंजा संक्रमण से हुआ निमोनिया, दो की मौत, 70 मरीज इमरजेंसी में भर्ती

Tue, 16 Apr 2024 10:16 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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इंफ्लुइंजा इस बार अधिक आक्रामक और खतरनाक रूप धारण कर रहा है। रोगियों की हालत इंफ्लुइंजा के संक्रमण के बाद अचानक बिगड़ रही है और वे शॉक सिंड्रोम में चले जा रहे हैं। ब्लड प्रेशर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है और रोगी मल्टी ऑर्गन फेल्योर में चले जाते हैं। रोगियों की डायग्नोसिस सेप्सिस के रूप में की जा रही है। हालात से विशेषज्ञ चिंतित हैं। हैलट इमरजेंसी में औसत सात रोगी प्रतिदिन आ रहे हैं। मंगलवार को दो रोगियों की इंफ्लुइंजा संक्रमण के बाद मौत हो गई।

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बीपी न मिलने और शरीर का आक्सीजन लेवल गिरने के बाद नर्सिंगहोमों से उन्हें रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। दो सप्ताह में इंफ्लुइंजा के 70 रोगी भर्ती किए गए हैं। जाड़े में रोगियों के हाई ग्रेड फीवर आने पर रोगी शॉक सिंड्रोम में गए थे। यही हाल अब गर्मी की शुरुआत में हो गया है। रोगी बेहोशी की हालत में ओपीडी और इमरजेंसी लाए जा रहे हैं। इनके परिजन जुकाम-बुखार के बाद उल्टी होने या दस्त आने का लक्षण तक ही बता पाते हैं। इसके बाद रोगी को सांस में दिक्कत होती है। जांच में ब्लड प्रेशर बहुत नीचे आ जाता है।

मंगलवार दोपहर इमरजेंसी से हैलट लाए नौबस्ता के किशोरीलाल (47) की यहां पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। पिता बाबूलाल ने बताया कि किशोरी बिल्कुल ठीक था। अचानक जुकाम-बुखार उल्टी आने के बाद हालत बिगड़ गई। इसी तरह नवाबगंज के वीरेंद्र (50) की मौत हुई। परिजन पहले उन्हें कार्डियोलॉजी ले गए, वहां से हैलट लाए थे।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि रोगी शॉक में आ रहे हैं। एक-दो उल्टी या दस्त होता है और रोगी बीपी बहुत कम हो जाता है। सोमवार को छह रोगी शॉक की हालत में भर्ती किए हैं। यह स्थिति चिंता वाली है। रोगी को सेप्सिस हो जाता है। इससे गुर्दा, लिवर समेत दूसरे अंग प्रभावित हो जा रहे हैं। बीपी ज्यादा गिरने पर वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि रोगी आ रहे हैं। इंफ्लुइंजा में निमोनिया हो जाता है। वायरस के म्यूटेशन भी होते रहते हैं। इससे लक्षण बदलते हैं।

ऐसे बिगड़ी रोगियों की हालत
अचानक जुकाम और बुखार हुआ। पेट में हल्का दर्द के बाद दो-तीन दस्त आए या फिर उल्टी हुई। इसके बाद चक्कर, सांस में मुश्किल बढ़ी। रोगी का दम घुटने लगा। अस्पताल में जांच कराने पर ब्लड प्रेशर 40-70 निकला। सीरम क्रेटेनिन 2 से अधिक आई। साथ ही जांच में लिवर और फेफड़ों में न्यूनोनाइटिस की पुष्टि हुई। शरीर में आक्सीजन लेवल घट गया। अधिक हालत बिगड़ने और बीपी गिरने पर रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया। सीबीसी जांच में प्लेटलेट्स काउंट भी घटा आ रहा है।
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बचाव
- बासी खाना कतई न खाएं
- पौष्टिक और सादा खाना लें, हाई प्रोटीन डाइट लें
- कटे-फटे फल, खुले बिक रहे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
- मौसमी फलों का सेवन करें
- नियमित व्यायाम करें
- बाहर मास्क लगाकर निकलें
- उल्टी-दस्त आने पर फौरन विशेषज्ञ से जांच करा लें
- समय से दवाएं लेकर ब्लड शुगर लेवल और बीपी नियंत्रित रखें।
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