तीसरे प्रयास में हर्षवर्धन को मिली सफलता
नौबस्ता के रहने वाले हर्षवर्धन पांडेय काे तीसरे प्रयास में सफलता मिली है। इनकी एआईआर 489वीं रैंक है। पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन से पढ़ाई करने के बाद हर्षवर्धन ने आईआईटी बीएचयू से बीटेक (सिविल ब्रांच) किया है। उन्होंने बताया कि 2016 में बीटेक पूरा होने के बाद नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। वह इस समय बंगलूरू में एक फिनटेक कंपनी में कार्यरत हैं। इनके पिता गिरीश चंद्र पांडेय आर्डिनेंस फैक्टरी में कार्यरत और मां संगीत गृहिणी हैं।
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सेल्फ स्टडी कर शुभांशी ने पाई सफलता
शुभांशी सिंह की यूपीएससी में 298वीं रैंक आई है। तीसरे प्रयास में सफलता पाने वाली शुभांशी ने घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। शुभांशी कहती हैं कि थ्योरी स्वयं पढ़ी, केवल इंटरव्यू के लिए कोचिंग का सहारा लिया। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई डीपीएस कल्याणपुर से की थी। 2020 में आईआईटी कानपुर से बीटेक (सिविल) करने के बाद डेढ़ साल मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी की है। नौकरी के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी भी की। उनका मानना है कि मेहनत से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इनके पिता मानेंद्र सिंह सेवानिवृत्त गवर्नमेंट अफसर और मां ममता सिंह गृहिणी हैं।
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