कानपुर में 10 दिन पहले वाजिदपुर में गंगा में हजारों मछलियां मरी मिलने का कारण गंगाजल में घुलित ऑक्सीजन का कम होना था। वाजिदपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से बिना शोधित किए पानी गंगा में बहा देने से ऑक्सीजन में कमी आई थी। बुधवार को एसडीएम की बैठक में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) ने इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी।
इसमें बताया गया कि उस दिन सुबह बारिश की वजह से वाजिदपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से बगैर शोधित किए पानी को गंगा में बहा दिया गया था जिसकी वजह से वहां गंगाजल में घुलित ऑक्सीजन घटकर 1.2 मिलीग्राम प्रति लीटर रह गई थी। जलीय जीवों के लिए पानी में घुलित ऑक्सीजन कम से कम चार मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। एसडीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।