फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: सवालों से घिरी आउटर पुलिस, महिला सिपाही की तहरीर की अनदेखी, वसूली के खेल में भी थानेदार पर मेहरबानी

Sun, 23 Oct 2022 08:36 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

लखनऊ में तैनात महिला सिपाही ने घाटमपुर के एक शख्स पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई कर युवक को छोड़ा दिया था। इसमें थानेदार पर रुपये लेकर छोड़ने का आरोप है। वहीं, महिला सिपाही अब कार्रवाई नहीं चाहती है। सवाल है कि आखिर इतने गंभीर प्रकरण में आरोपी को क्यों ढील दी गई।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश पुलिस (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में महिला सिपाही की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने व धमकी देने के मामले में आउटर पुलिस सवालों के घेरे में है। तीन दिन बीतने बावजूद अब तक घाटमपुर थानेदार मेहरबानी बरकरार है। अफसर जांच का हवाला दे रहे हैं। एडीजी जोन ने पूरे मामले में एसपी आउटर से जवाब-तलब किया है।

विज्ञापन

उधर महिला सिपाही ने अपने स्तर से किसी तरह की कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि लखनऊ में तैनात एक महिला सिपाही ने घाटमपुर निवासी इसरार नाम के शख्स पर आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसकी आपित्तजनक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी हैं।
कुछ व्हाट्सएप चैट भी दी थी, जिसमें इसरार स्वीकारते हुए लिखा था कि फोटो पोस्ट करके डिलीट कर दी हैं। बात कर लो वरना दोबारा पोस्ट कर देंगे। घाटमपुर पुलिस पिछले कई महीने से हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। 29 सितंबर को पीड़िता ने तहरीर दी, जिसके बाद चौकी इंचार्ज इसरार को पकड़कर लाए।

विज्ञापन

शांतिभंग में कार्रवाई कर उसको छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक थानेदार ने रकम वसूली कर उसको छोड़ा। सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा, तो आउटर के अफसर मैनेजमेंट में लग गए। अब तक थानेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसको बचाने का प्रयास जारी है।

विभागीय दबाव और बदनामी से पीछे हटी पीड़िता
पीड़िता पुलिस विभाग में ही है। हैरानी इस बात की भी है कि पुलिस में होने के बावजूद आउटर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विभागीय दबाव भी उस पर है। लिहाजा अब पीड़िता का कहना है कि वह कार्रवाई नहीं चाहती है। जितनी कार्रवाई करानी थी वह हो गई। हालांकि वसूली का मामला इतर है। उस पर अफसर पर्दा डालने में जुटे हैं।

यह भी गंभीर सवाल
पीड़िता ने बाकायदा थानेदार को तहरीर दी थी। गंभीर अपराध होने के बावजूद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की। आखिर थानेदार ने ऐसा क्यों किया? इसका जवाब आउटर के अफसर नहीं दे पा रहे हैं।
विज्ञापन

वसूली के जो आरोप लगे हैं, उसकी जांच घाटमपुर सीओ को दी गई है। जो तहरीर मिली थी उस आधार पर साइबर सेल को जांच के लिए लगाया गया है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर आरोपी पर भी कार्रवाई की जाएगी।  - तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें