शांतिभंग में कार्रवाई कर उसको छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक थानेदार ने रकम वसूली कर उसको छोड़ा। सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा, तो आउटर के अफसर मैनेजमेंट में लग गए। अब तक थानेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसको बचाने का प्रयास जारी है।
विभागीय दबाव और बदनामी से पीछे हटी पीड़िता
पीड़िता पुलिस विभाग में ही है। हैरानी इस बात की भी है कि पुलिस में होने के बावजूद आउटर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विभागीय दबाव भी उस पर है। लिहाजा अब पीड़िता का कहना है कि वह कार्रवाई नहीं चाहती है। जितनी कार्रवाई करानी थी वह हो गई। हालांकि वसूली का मामला इतर है। उस पर अफसर पर्दा डालने में जुटे हैं।
यह भी गंभीर सवाल
पीड़िता ने बाकायदा थानेदार को तहरीर दी थी। गंभीर अपराध होने के बावजूद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की। आखिर थानेदार ने ऐसा क्यों किया? इसका जवाब आउटर के अफसर नहीं दे पा रहे हैं।
वसूली के जो आरोप लगे हैं, उसकी जांच घाटमपुर सीओ को दी गई है। जो तहरीर मिली थी उस आधार पर साइबर सेल को जांच के लिए लगाया गया है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर आरोपी पर भी कार्रवाई की जाएगी। - तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर