गर्मी से 12 रोगियों के गुर्दे फेल हो गए हैं। तपिश की वजह से रोगी एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को पांच रोगियों को हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया। तीन ब्रेन अटैक के रोगी भर्ती हुए हैं। एक रोगी की निमोनिया और एक रोगी की डायरिया से मौत हो गई।
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इसके अलावा हैलट और उर्सला की ओपीडी में फ्लू के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कुछ फ्लू रोगियों की जांच में कोरोना की भी पुष्टि हुई है। जिला मलेरिया विभाग की टीम ने कुरसौली में 209 घरों में मच्छरों के लार्वा की जांच की और सैंपल लैब भेजे।
आजाद नगर के रहने वाले राजेश वर्मा (65) की निमोनिया से मौत हो गई। उनका इलाज हैलट में ओपीडी स्तर पर चल रहा था। गले में संक्रमण के बाद उन्हें सांस की दिक्कत होने लगी। तड़के हैलट लाया गया लेकिन मौत हो गई। इसी तरह चमनगंज के रहने वाले जावेद की डेढ़ साल की बच्ची की डायरिया से मौत हुई है। 22 रोगियों को भर्ती किया गया है। गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा ने बताया कि एकेआई के रोगी बढ़ रहे हैं। पानी कम पीने से लोगों की पेशाब में संक्रमण हो रहा है। इससे भी गुर्दे पर असर आ रहा है।