यह था मामला
28 अगस्त को केस्को की टीमों को साकेत नगर के सेक्टर डब्ल्यू वन में 58 उपभोक्तओं के घरों में कनेक्शन की अनियमितता मिली थी। इसमें 38 बिजली मीटरों में रीडिंग स्टोर थी और 20 मीटरों को अवैध तरीके से बदला गया था। दोनों का उद्देश्य उपभोक्ता के साथ मिलकर बिजली चोरी करना था। रीडिंग स्टोर करने का काम आउटसोर्सिंग कंपनी केएंडडी के मीटर रीडर कर रहे थे।
मीटरों को बदलाने में केस्को के टेस्ट डिवीजन के इंजीनियरों और एक्सईएन की भूमिका मिली थी। दो एक्सईएन और एक जेई पर निलंबन की कार्रवाई होने पर इंजीनियरों ने प्रबंधन के समक्ष यह बात रखी कि यह घटन निचले स्तर के कर्मचारियों की भूमिका से हुई है। एक्सईएन उस डिवीजन का मुखिया होता है, इसलिए उन्हें जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की गई है लेकिन जिस स्तर से यह अनियमितता अंजाम दी गई, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद तीन और को निलंबित किया गया है।