65 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में भी नाइजीरियन ठगों के हाथ होने का शक है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इसी बिंदु पर पड़ताल कर रही है। फिलहाल जिन-जिन खातों में रकम भेजी गई थी उन खातों को पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है।
उनमें कुल कितनी रकम बची है इसका आंकलन नहीं हो सका है। स्वरूपनगर थाने में दर्ज अन्य मामले में बरेली में गिरफ्तार नाइजीरियन गिरोह के तार इस ठगी से भी जोड़कर तफ्तीश की जा रही है। विशाल ऑटो मूर्वस प्रालि के डायरेक्टर दौलत सिंह भदौरिया हैं।
9 सितंबर को साइबर ठग ने दौलत सिंह भदौरिया बनकर यूनियन बैंक के मैनेजर से फोन पर बात कर अलग-अलग खातों में 65 लाख 80 हजार 132 रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे। स्वरूपनगर पुलिस ने ठगी की एफआईआर दर्ज की थी।
क्राइम ब्रांच की टीम पड़ताल में लगी है। सूत्रों के मुताबिक ढाई करोड़ की ठगी में जिस नाइजीरियन गिरोह का नाम सामने आया है उसी पर शक है कि इस ठगी को भी इसी गिरोह ने अंजाम दिया है।