वाराणसी के खिड़किया घाट पर पानी में तैरने वाले सीएनजी पंप का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी दौरे के दौरान किया था। यह पंप आईआईटी की तकनीक से तैयार हुआ है। नदी में बोट की अगर सीएनजी खत्म हो जाती है तो इस पंप से सीएनजी आसानी से भरी जा सकेगी। आईआईटी का दावा है कि यह विश्व का पहला फ्लोटिंग सीएनजी पंप है।
आईआईटी कानपुर की इंक्यूबेटेड कंपनी एक्वाफ्रंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने यह पंप तैयार किया है। कंपनी के फाउंडर अंकित पटेल ने आईआईटी के वैज्ञानिकों की मदद से तकनीक विकसित की। आईआईटी बीएचयू से पढ़ाई करने वाले अंकित पटेल ने अपने साथी अचिन अग्रवाल की मदद से इस पंप को तैयार किया है। उन्होंने इसमें अपनी पेटेंट तकनीक सेल्फ एडजस्टिंग फिक्स्ड टाइप जेटी का इस्तेमाल किया है।
अंकित ने बताया कि अगर कभी गंगा में बाढ़ आती है तो भी यह सीएनजी पंप गंगा में पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। तकनीक काफी एडवांस है। सीएनजी डिस्पेंसर के लिए पाइपलाइन कनेक्शन ऐसे डिजाइन किया है जो बाढ़ में भी सुरक्षित रहेगा। सीएनजी से जब नाव चलेगी तो प्रदूषण भी काफी कम होगा। सीएनजी रिफिल में कोई समस्या न हो, इसीलिए यह पंप तैयार किया गया है। आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने पूरी टीम को ट्वीट कर बधाई दी है।