कानपुर नगर निगम ने रेलवे को करीब 14.65 करोड़ रुपये जमा करने के लिए नोटिस दिया है। रेलवे कई साल से रेलवे स्टेशनो सहित अन्य जमीनों का सर्विस टैक्स नहीं दे रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा नगर निगम रेलवे से कई साल से सर्विस टैक्स वसूल नहीं कर पा रहा है। सबसे ज्यादा सर्विस टैक्स चकेरी रेलवे स्टेशन पर 8.12 करोड़ रुपये है। इसके बाद नंबर दो पर रेलवे कार्यालय है, जिससे दो करोड़ 33 लाख से अधिक की वसूली नगर निगम को करना है।
इसी तरह रूमा रेलवे स्टेशन पर दो करोड़ 22 लाख से अधिक, चंदारी रेलवे स्टेशन पर भी 98 लाख देनदारी बाकी है। रावतपुर रेलवे स्टेशन से 62 लाख से ज्यादा की रकम बताई जा रही है। इस प्रकार शहर के आठ रेलवे कार्यालयों से 14 करोड़ 65 लाख से अधिक की वसूली नगर निगम को करनी है।
आरटीआई में खुलासा
शहर के आरटीआई कार्यकर्ता आशीष मिश्रा ने आरटीआई दाखिल कर पांच सवाल पूछे थे। इनमें पूछा गया कि नगर निगम की सीमा में कुल कितने रेलवे स्टेशन आते हैं। क्या यह सभी स्टेशन गृह कर के दायरे में है? यदि है तो इन पर कुल कितना बकाया है? जोन और वार्ड स्तर से इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इस आरटीआई के बाद नगर निगम हरकत में आया और आनन-फानन में रेलवे स्टेशनों के करोड़ों रुपए के बकाया का हिसाब सामने आ गया। जोन छह के जोनल प्रभारी वीपी सिंह ने बताया कि रेलवे को सर्विस टैक्स वसूली के लिके नोटिस दिये हैं। जल्द भुगतान न किया तो नियमानुसार वसूली की जाएगी।