आरडीएसओ की टीम जल्द ही ट्रायल के लिए मेट्रो ट्रैक पर सेंसर सहित अन्य उपकरण लगाकर टेस्टिंग के दौरान ट्रेनों के संचालन की मीटिंग करेगी। 15 नवंबर से रेलवे संरक्षा आयुक्त ट्रायल करेंगे।
कानपुर आईआईटी से मोतीझील तक 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक के हर स्टेशन में मेट्रो ट्रेन करीब 45 सेकंड रुकेगी। इसी दौरान यात्रियों को ट्रेन में चढ़ना और उतरना होगा। दिव्यांगों को विशेष सहूलियत देते हुए ट्रेन में चढ़ाने, उतारने के लिए स्टॉपेज का समय बढ़ाया जा सकता है।
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9 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन के पहुंचने में औसतन 1 मिनट का समय लगेगा। आरडीएसओ की टीम जल्द ही ट्रायल के लिए मेट्रो ट्रैक पर सेंसर सहित अन्य उपकरण लगाकर टेस्टिंग के दौरान ट्रेनों के संचालन की मीटिंग करेगी।
15 नवंबर से रेलवे संरक्षा आयुक्त ट्रायल करेंगे। उनकी हरी झंडी मिलते ही यात्रियों को मेट्रो ट्रेन में सफर करने की सुविधा मिलने लगेगी। ट्रेन चलाने की डेट लाइन जनवरी 2022 है, पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 25 दिसंबर से ही यात्रियों को यह सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।