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मनीष हत्याकांड: मीनाक्षी ने ट्विटर को बनाया हथियार, लगाती रहीं इंसाफ की गुहार, पांच दिन में पीएम-सीएम को किए 16 ट्वीट

Sun, 03 Oct 2021 05:54 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

मनीष हत्याकांड में नई तरह की लड़ाई मीनाक्षी ने खुद लड़ी। अपनी बात नेताओं से लेकर अफसरों तक पहुंचाई। जिसमें उन्हें काफी हद तक कामयाबी भी मिली।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड: मीनाक्षी ने ट्वीट कर मांगा इंसाफ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोरखपुर में हुए मनीष हत्याकांड में मीनाक्षी ने इंसाफ की लड़ाई सोशल मीडिया के जरिए भी लड़ी। वारदात के दूसरे दिन (मंगलवार रात) गोरखपुर में धरने के दौरान उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट बनाया और घटना की पल-पल की खबर मोदी, योगी से लेकर अखिलेश और राहुल तक को ट्वीट की।
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कई वीडियो जारी किए जिसमें गोरखपुर के डीएम और एसएसपी तहरीर बदलने का दबाव बनाते हुए भी दिखे थे। उनके ट्विटर हैंडल से शनिवार तक कुल 16 ट्वीट किए गए। घटना क्रम के दौरान ही 4620 फॉलोवर बन गए। एक नई तरह की लड़ाई मीनाक्षी ने खुद लड़ी। अपनी बात नेताओं से लेकर अफसरों तक पहुंचाई। जिसमें उन्हें काफी हद तक कामयाबी भी मिली। उनके हर एक ट्वीट पर हजारों लोगों ने कमेंट भी किए। इसके अलावा ट्वीट को रीट्वीट भी किया।



अखिलेश ने रीट्वीट कर कहा.. एनकाउंटर का दुष्परिणाम है युवक की हत्या
घटना के दूसरे दिन मीनाक्षी ने ट्वीट कर कहा था कि मेरे पति की गोरखपुर में हत्या हो गई है। कृपया उचित न्याय दिलाएं। एफआईआर नहीं लिखा जा रही है। इस पर अखिलेश यादव ने रीट्वीट कर कहा कि भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, ये उसी का दुष्परिणाम है। जिसके चलते गोरखपुर पुलिस ने एक युवक की जान ले ली।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड: मृतक की पत्नी मीनाक्षी - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर पुलिस ने मीनाक्षी को ट्वीट कर बताई थी कहानी
होटल में संदिग्ध की चेकिंग के लिए मैनेजर के साथ पुलिस कमरे में गई थी। दुर्घटनावश कमरे में गिरने से युवक को चोट लग गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लापरवाही बरतने पर छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।  - गोरखपुर पुलिस

मनीक्षा के ट्वीट पर हुए कुछ कमेंट
हत्या करना। बलात्कारियों को बचाना। जमीनी स्तर पर हो रहे हर क्राइम में पुलिस की संलिप्तता हमेशा रहती है। शायद पुलिस ट्रेनिंग में इनको इंसानियत का पाठ नहीं पढ़ाया जाता। - अरुण त्रिपाठी, टीम कर्तव्य

निरंकुश तंत्र, शासन की भाषा, प्रशासन का अमल, बिखरता लोकतंत्र। - सोनू तिवारी, एडवोकेट

मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
गुनहगारों की आंख मिचौली और बेगुनाहों को ठोको नीति की तहत योगी सरकार की पुलिस ने एक और बेगुनाह की हत्या कर दी। योगी सरकार शर्म करो, बेगुनाहों की हत्या बंद करो। - उमेश यदुवंशी

यह योगी का ठोक दो मॉडल है। जो बिना वजह ही युवक को पीट-पीटकर मार डाला। - मोहम्मद उमर

विकास दुबे ने निर्दोष पुलिस कर्मियों को मारा तो उसका एनकाउंटर हुआ। अच्छा हुआ। लेकिन आम आदमी को पुलिस वालों ने मारा तो उनका एनकाउंटर होना चाहिए या फांसी कब होगी। - डॉ. सचीन शर्मा
 
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मनीष गुप्ता हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
पीड़ित परिवार को न्याय, दोषी गुंडे पुलिस कर्मियों का भी एनकाउंटर हो। - विक्रांत सिंह

यह जघन्य अपराध है। रक्षक को भक्षक नहीं बनना चाहिए। आरोपी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए। - अजय मिश्रा

जो भी दोषी हैं वो गिरफ्तार होंगे : संगमलाल

प्रतापगढ़ के भाजपा विधायक संगमलाल गुप्ता ने शनिवार को मनीष गुप्ता के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। पूरा समाज और सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। जो भी दोषी हैं, जल्द गिरफ्तार होंगे। इस मौके पर रतन गुप्ता, बउआ केसरवानी, अक्षय मिश्रा, आशीष मॉर्गन आदि मौजूद रहे। वहीं अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल महिला इकाई ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस मौके पर दक्षिण जिलाध्यक्ष मनीषा मिश्रा, सविता द्विवेदी, ज्योत्सना निगम, ममता यादव, मीरा गुप्ता आदि रहीं।
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