एक किमी दूर मिली बाइक से हुई पहचान की कड़ी मजबूत
जांच के दौरान मालती के पास से आधार कार्ड मिला। वहीं घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर ओम की बाइक खड़ी मिली। आधार कार्ड और बाइक के आधार पर पुलिस ने दोनों की पहचान कर परिजनों को सूचना दी। पुलिस अब दोनों के वहां पहुंचने और घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
दिसंबर में थी ओम की शादी
ओम के पिता सुखलाल ने बताया कि बेटे की शादी दिसंबर में तय थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। परिवार को मालती से उसके संबंधों की जानकारी थी। ओम को कई बार उससे दूरी बनाए रखने के लिए समझाया गया था।
पहले भी थाने तक पहुंच चुका था मामला
मालती के पति रामू के मुताबिक, दिसंबर 2025 में मालती घर से चली गई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे चार दिन बाद उसके फूफा के घर से बरामद किया था। इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया था। रामू का कहना है कि वहां मालती ने पति के साथ रहने से इनकार किया था। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
पड़ोसी के घर आने-जाने से हुई थी दोस्ती
रामू ने आरोप लगाया कि ओम अक्सर पड़ोसी छोटू के घर आता-जाता था। इसी दौरान मालती से उसकी पहचान हुई और दोनों में दोस्ती हो गई। आरोप है कि बाद में छोटू ने मालती का मोबाइल नंबर ओम को दिया, जिसके बाद दोनों की बातचीत बढ़ती गई।
पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि दोनों परिवारों की ओर से अभी तहरीर नहीं दी गई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।