संचालन का जिम्मा हमारा नहीं, फिर भी चला रहे
जल निगम निर्माण इकाई है। महाप्रबंधक एएस भाटी के अनुसार उनका विभाग जलापूर्ति परियोजना, सीवेज परियोजना आदि से संबंधित प्लांटों, जोनल पंपिंग स्टेशनों, टंकियों के निर्माण, पाइपलाइन बिछाने का काम करती है। इन्हें बनाने पर परीक्षण के बाद संबंधित विभाग को हस्तांतरित किया जाता है। विभाग को संचालन और रखरखाव के मद में धन नहीं मिला। बावजूद वर्षों से प्लांट चलाना पड़ रहा है। इसी वजह से देनदारियां बढ़ती जा रही हैं।
ये मोहल्ले होंगे प्रभावित
नवाबगंज, सर्वोदयनगर, पांडुनगर, शास्त्रीनगर, दादानगर, गोविंदनगर, बर्रा, निरालानगर, साकेतनगर, जूही लाल कालोनी, जूही सफेद कालोनी, जूही हरी कालोनी, गोशाला, किदवईनगर, बारादेवी, जूही बम्बुरहिया, सिविल लाइंस, नई सड़क, जनरलगंज, नयागंज, कुलीबाजार, हालसी रोड, कुरसवां, इटावा बाजार, रामबाग आदि।