मयूर वनस्पति के यहां मंगलवार को पड़े महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) के छापे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आशंका है कि समूह ने फर्जी तरीके से आईटीसी की रकम हड़पी है।
यह रकम कितनी है, इसका आकलन किया जा रहा है। जांच टीम बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त कर और बयान दर्ज कर बुधवार तड़के तीन बजे लौट गई। चार साल पहले भी खाद्य तेल कंपनी मयूर वनस्पति की ओर से फर्जी तरीके से आईटीसी हड़पने का मामला सामने आया था।
इसी आधार पर डीजीजीआई लखनऊ की टीम ने मंगलवार शाम को कंपनी के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय और रनियां स्थित फैक्ट्री में दोबारा छापा मारा। अफसरों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए। मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और स्टाक के दस्तावेज भी जुटाए।
हड़पी गई रकम का आकलन करने के लिए जब्त दस्तावेजों और पूर्व में ली गई आईटीसी का मिलान किया जाएगा। मयूर वनस्पति समूह तेल, रिफाइंड, वनस्पति के अलावा आटा-मैदा, एक बड़ी कंपनी के लिए बिस्कुट भी तैयार करती है। वहीं डीजीजीआई लखनऊ की दूसरी टीम ने पनकी उद्योग कुंज स्थित श्री बालाजी प्रिंट पैक पर भी छापा मारा था।