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कानपुर: मयूर वनस्पति कंपनी में आईटीसी में मिली गड़बड़ी, फर्जी तरीके से रकम हड़पने की आशंका

Thu, 30 Dec 2021 12:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डीजीजीआई लखनऊ की दूसरी टीम ने पनकी उद्योग कुंज स्थित श्री बालाजी प्रिंट पैक पर भी छापा मारा था। यहां पर अभी भी जांच चल रही है। यह कार्रवाई अकबरपुर अंबेडकर नगर स्थित एमके एजेंसीज और पूजा प्रोडक्ट्स पर छापा मारने के बाद की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मयूर वनस्पति के यहां मंगलवार को पड़े महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) के छापे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आशंका है कि समूह ने फर्जी तरीके से आईटीसी की रकम हड़पी है।
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यह रकम कितनी है, इसका आकलन किया जा रहा है। जांच टीम बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त कर और बयान दर्ज कर बुधवार तड़के तीन बजे लौट गई। चार साल पहले भी खाद्य तेल कंपनी मयूर वनस्पति की ओर से फर्जी तरीके से आईटीसी हड़पने का मामला सामने आया था।

इसी आधार पर डीजीजीआई लखनऊ की टीम ने मंगलवार शाम को कंपनी के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय और रनियां स्थित फैक्ट्री में दोबारा छापा मारा। अफसरों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए। मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और स्टाक के दस्तावेज भी जुटाए।
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हड़पी गई रकम का आकलन करने के लिए जब्त दस्तावेजों और पूर्व में ली गई आईटीसी का मिलान किया जाएगा। मयूर वनस्पति समूह तेल, रिफाइंड, वनस्पति के अलावा आटा-मैदा, एक बड़ी कंपनी के लिए बिस्कुट भी तैयार करती है। वहीं डीजीजीआई लखनऊ की दूसरी टीम ने पनकी उद्योग कुंज स्थित श्री बालाजी प्रिंट पैक पर भी छापा मारा था।
 
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यहां पर अभी भी जांच चल रही है। यह कार्रवाई अकबरपुर अंबेडकर नगर स्थित एमके एजेंसीज और पूजा प्रोडक्ट्स पर छापा मारने के बाद की गई है। ये दोनों फर्म पान मसाला बनाती हैं। यहां भारी मात्रा में अघोषित स्टाक और पैकेजिंग मैटीरियल मिला है। पैकेजिंग मैटेरियल की एंट्री नहीं मिली है। जांच में बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका है।  

यह होता है आईटीसी
जब कोई उत्पाद तैयार करने के लिए फर्म कच्चा माल खरीदती है, तो इनपुट के तौर पर उसमें टैक्स अदा करती है। वही, जब माल तैयार कर उसे बेचती है तो भी उसे आउटपुट के तौर पर टैक्स देना होता है। यह टैक्स देने के बाद इनपुट में जो टैक्स पहले दिया जा चुका है, उसे नियमानुसार क्लेम कर वापस लेने का जीएसटी में प्रावधान है।

इसे ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) कहते हैं। सर्विस प्रदाता कंपनियां भी आईटीसी क्लेम कर सकती हैं। हालांकि कई कंपनियां बगैर माल सप्लाई करे या कम माल सप्लाई कर ज्यादा का आईटीसी क्लेम कर फर्जीवाड़ा करती हैं। 
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