कानपुर में नौबस्ता के आवास विकास हंसपुरम निवासी बिल्डिंग मैटीरियल कारोबारी नारायण सिंह भदौरिया (42) ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि बिनगवां स्थित उनके दो प्लाटों पर दबंगों ने कब्जा कर लिया था। इससे वे आहत थे।
परिजनों ने क्षेत्र के ही एक दबंग और उसके साथियों पर प्रताड़ना का आरोप लगा तहरीर दी है। नारायण सिंह भदौरिया भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया के भतीजे थे। पूर्व विधायक के बड़े भाई लक्ष्मण सिंह हंसपुरम में रहते हैं। इनके तीन बेटे अश्वनी, नारायण सिंह, नागेंद्र सिंह हैं।
नारायण सिंह बिल्डिंग मैटीरियल के थोक व फुटकर कारोबारी थे। साथ ही जमीन खरीदकर छोटे-छोटे मकान बनाकर बेचते थे। पिता ने बताया कि नारायण ने कुछ माह पहले बिनगवां में दो प्लाट खरीदे थे। इनमें निर्माण भी हो गया था।
करीब एक सप्ताह पहले इलाके का रहने वाला दबंग तीन-चार साथियों के साथ प्लाट पहुंचा और अपना दावा करते हुए गालीगलौज करने लगा। इसके बाद होली में उसके दोनों प्लाट पर ताला डालकर कब्जा कर लिया। इस बात को लेकर बेटा मानसिक तनाव में रहने लगा था। रविवार देर शाम उसका शव छत पर कुंडे के सहारे फंदे पर लटकता मिला।