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कानपुर: पेट रोगियों की इंडोस्कोपी हैलट में अगले सप्ताह से, अस्पताल को मिलेंगी छह ओटी एनेस्थीसिया मशीन

Sun, 25 Jul 2021 04:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना काल में बंद इंडोस्कोपी की जांच हैलट में अगले सप्ताह से फिर शुरू हो जाएगी। इस वक्त ओपीडी में आने वाले औसत 15 रोगियों को रोजाना इंडोस्कोपी जांच की जरूरत होती है। यहां जांच न होने की वजह से रोगियों को निजी डॉक्टरों के यहां दो से तीन हजार रुपये में देकर करानी पड़ रही है। इस वक्त मौसमी बीमारियों ने हमला बोला है। जुकाम, बुखार के अलावा पेट रोगियों की भरमार है।
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खाने की थैली, खाने की नली और पेट में संक्रमण के रोगी बढ़ गए हैं। मेडिसिन विभाग का इंडोस्कोप खराब हो जाने के कारण इंडोस्कोपी जांच नहीं हो पा रही थी। इस संबंध में विभाग ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को प्रस्ताव भी दिया था। विभाग के गैस्ट्रोइंटोलोजिस्ट डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इंडोस्कोप बन गया है। अगले सप्ताह से जांच शुरू कर दी जाएगी।

हैलट में और सुरक्षित होगी एडवांस सर्जरी
कानपुर हैलट में एडवांस सर्जरी अब और आसानी से व सुरक्षित होंगी। सर्जरी विभाग में छह ओटी एनेस्थीसिया मशीन आएंगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में 24 ओटी हैं लेकिन ओटी एनेस्थीसिया मशीनें सिर्फ चार में हैं। बाकी ओटी में सालों पुराना तरीका बायल्स ऑपरेटर का अपनाया जाता है। इसमें डॉक्टर हाथ से एनेस्थीसिया से बैग दबाता है। इसमें चूक की भी गुंजाइश रहती है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि एक एनजीओ ने मेनड्रेक कंपनी की छह ओटी एनेस्थीसिया मशीन देने का वादा किया है। 12 मशीनें मांगी गई थीं लेकिन छह मशीनों के लिए कंपनी ने हामी भरी। एक मशीन की कीमत 35 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू और एसजीपीजीआई लखनऊ के बाद सबसे ज्यादा सर्जरी हैलट में होती हैं। 
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