जयपुर-कामाख्या एक्सप्रेस से कामाख्या देवी दर्शन करने जा रही महिला का चार साल का बच्चा ट्रेन में ही छूट गया। महिला मंधना स्टेशन पर पानी लेने उतरी थी, तभी ट्रेन चल दी। बदहवास मां प्लेटफार्म पर काफी दूर तक ट्रेन के पीछे-पीछे दौड़ती रही।
गनीमत रही कि करीब 47 मिनट बाद बच्चा कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उसे मिल गया। बच्चे को पाकर महिला ने उसे अपने कलेजे से लगा लिया और रोने लगी। राजस्थान के झुंझनू जिले के नवलगढ़ झाझर पुराना वार्ड के रहने वाले पत्थर कारीगर मुकेश की पत्नी पूजा के शादी के आठ साल बाद बच्चा हुआ था। वह अक्सर बीमार रहता था तो पूजा उसे लेकर कामाख्या जा रही थी। सोमवार रात ट्रेन से चली। मंगलवार सुबह 11:20 बजे मंधना में सिग्नल न होने पर ट्रेन रुकी तो पूजा पानी लेने उतर गई।