बता दें कि डीआईजी ने विचाराधीन और सजायाफ्ता बंदियों के बारे में भी जेल के अधिकारियों से जानकारी की। इस मौके पर डीआईजी ने बताया कि औचक छापेमारी रूटीन का क्रम है। सुरक्षा के मामले में और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आगे भी ऐसे निरीक्षण किए जाएंगे।