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कानपुर देहात : सरकारी धन की हेराफेरी में दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

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कानपुर देहात। बिना आदेश झूला खरीदने, हैंडपंप मरम्मत में हेराफेरी समेत अन्य आरोपों पर डीडीओ ने दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया है। इन्हीं आरोपों में पूर्व के दौरान छह ग्राम सचिवों को निलंबित किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का खुलासा होने पर डीएम जेपी सिंह के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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रसूलाबाद विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी दिनेश सोनकर पर आरोप है कि शासन के आदेश पर भी आवंटित ग्राम पंचायत सिठऊपुरवा में ग्राम सचिवालय व सामुदायिक शौचालय का संचालन शुरू नहीं कराया गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में 15वें वित्त आयोग के स्वच्छता मद से 54680 रुपये के झूले खरीदकर विद्यालय में लगवा दिए गए।
जबकि यह ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल नहीं है। वहीं इसी मद पर 44 हजार रुपये का बिल किसी तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हो चुका है। इसी तरह ग्राम विकास अधिकारी कमलेश कुमार ने ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट का 118800 रुपये भुगतान कर दिया। जबकि इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत ने न तो कोटेशन लिए और न ही निविदा जारी की।
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वहीं ग्राम पंचायत भैंसाया में रोक के बावजूद झूले खरीदकर स्कूल में लगवा दिए। साथ ही शासनादेश पर भी ग्राम पंचायत सचिवालय व सामुदायिक शौचालय का संचालन शुरू नहीं कराया। दोनों ग्राम विकास अधिकारियों का घालमेल उजागर होने पर जिला विकास अधिकारी ने कार्रवाई की है।
बिना आदेश झूले खरीदकर स्कूलों में लगवाने, हैंडपंप रिबोर व मरम्मत में सरकारी धनराशि की हेराफेरी आदि आरोपों में दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्हें डीडीओ कार्यालय में संबद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जांच बीडीओ झींझक व मलासा को सौंपी दी गई है।
- गोरखनाथ भट्ट (जिला विकास अधिकारी)
9.32 लाख के गबन में सचिव को नोटिस
कानपुर देहात। रसूलाबाद की ग्राम पंचायत बर्रा-ठर्रा के ग्राम पंचायत अधिकारी रोहित वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने भी ग्राम पंचायत की कार्ययोजना में शामिल न होते हुए भी 99848 रुपये के झूला खरीदकर बाउचर से भुगतान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो सका। इसी तरह ग्राम पंचायत में कार्य की आईडी न दिखाकर फर्जी आईडी पर पेयजल के नाम पर 3.75 लाख रुपये निकालकर गबन कर लिए।
वहीं ग्राम पंचायत प्रशासनिक व्यय के नाम पर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड टेक्निकल सपोर्ट मद के अंतर्गत 5 लाख 57 हजार 786 रुपये अनियमित तरीके से निकाले गए। ग्राम पंचायत अधिकारी के घालमेल की रिपोर्ट अपर डीपीआरओ किर सिंह ने भेजी थी। डीपीआरओ नमिता शरण ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी रोहित वर्मा को दो दिन में स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है। जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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